CBSE Class 12 Marking Scheme 2026-27: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सेशन 2026-27 के लिए 12वीं (Senior Secondary) के बोर्ड एग्जाम के एग्जाम पैटर्न (Exam Pattern) और मार्किंग स्कीम की डिटेल्ड ब्योरा जारी कर दिया है। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP 2020) के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने मूल्यांकन प्रणाली को अधिक व्यावहारिक और विश्लेषणात्मक यानी एनालिटिकल बनाया है।
CBSE के नए पैटर्न के अनुसार, अब क्वश्न पेपर में 50% वेटेज योग्यता-आधारित क्वश्नों (Competency-Focused Questions) को दिया गया है। यानी अब छात्रों को आंसर याद करने से ज्यादा कॉन्सेप्ट की समझ और वास्तविक जीवन में उनके अनुप्रयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।
सब्जेक्ट-वाइज सिलेब्स, मार्क्स डिटेल्स की समय-सारणी और नमूना क्वश्न पेपरों से संबंधित डिटेल्ड जानकारी CBSE के एकेडमिक पोर्टल cbseacademic.nic.in पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं।
CBSE Class 12 Exam Pattern 2026-27: डिटेल्स
सीबीएसई 12वीं एग्जाम 2026-27 के पैटर्न और मार्क्स संरचना के बारे में डिटेल से जानने के लिए छात्र नीचे दी गई टेबल को देखें।
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एग्जाम कॉम्पोनेंट
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डिटेल्स
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एग्जाम संचालन संस्था
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE)
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एग्जाम का मोड
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पेन-और-पेपर आधारित (Offline Mode)
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एग्जाम की समयावधि
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3 घंटे (लिखित एग्जाम)
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कुल मार्क्स प्रति सब्जेक्ट
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100 मार्क्स (थ्योरी + प्रैक्टिकल/इंटरनल असेसमेंट)
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योग्यता-आधारित क्वश्न
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50% भार (केस-स्टडी, सोर्स-बेस्ड, रीजन-अर्सशन)
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वस्तुनिष्ठ क्वश्न (MCQs)
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20% भार (बहुविकल्पीय व अति-लघु प्रश्न)
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लघु और दीर्घ उत्तरीय क्वश्न
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30% भार (Short & Long Answer Type)
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न्यूनतम पासिंग मार्क्स
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थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों में अलग-अलग 33% मार्क्स
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नेगेटिव मार्किंग
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कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं
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ऑफिशियल वेबसाइट
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CBSE 12th Board Exam Pattern 2026-27 OUT: क्वेश्चन टाइप ब्रेकडाउन
12वीं बोर्ड एग्जाम 2026-27 के लिखित क्वश्न पेपर में क्वश्नों की डिटेल्स तीन मुख्य भागों में बांटा गया है:
- 1. योग्यता-आधारित क्वश्न:
इसमें केस-स्टडी आधारित क्वश्न, चित्र/ग्राफ आधारित एकीकृत क्वश्न (Source-Based Integrated Questions) तथा कथन और कारण (Assertion-Reasoning) वाले क्वश्न शामिल होंगे। ये क्वश्न छात्र की तर्कशक्ति और विश्लेषणात्मक क्षमता का परीक्षण करते हैं। - 2. बहुविकल्पीय क्वश्न:
इस सेक्शन में प्रत्येक 1 मार्क्स के 20% वस्तुनिष्ठ क्वश्न (MCQs) पूछे जाएंगे जो त्वरित निर्णय क्षमता और ओरिजनल सिद्धांतों की समझ को जांचते हैं। - 3. वर्णनात्मक/पारंपरिक क्वश्न:
इसमें 2 से 5 मार्क्स वाले शॉर्ट आंसर और लॉग आंसर क्वश्न शामिल होंगे। इस सेक्शन का वेटेज घटाकर 30% कर दिया गया है ताकि रटने की प्रवृत्ति को कम किया जा सके।
स्ट्रिम-वाइज थ्योरी, प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट का मार्क्स विभाजन
सीबीएसई ने अलग-अलग स्ट्रीम्स (विज्ञान, वाणिज्य व कला) के लिए मार्क्स का विभाजन स्पष्ट रखा है:
1. साइंस स्ट्रीम (Science Stream - Physics, Chemistry, Biology):
- थ्योरी एग्जाम: 70 मार्क्स (समय: 3 घंटे)
- प्रैक्टिकल एग्जाम: 30 मार्क्स (प्रयोग, रिकॉर्ड फाइल, प्रोजेक्ट और वाइवा)
- उत्तीर्ण योग्यता: थ्योरी में 23.1 मार्क्स (33%) और प्रैक्टिकल में 9.9 अंक (33%) लाना सभी छात्रों के लिए जरूरी है।
2. कॉमर्स स्ट्रीम (Commerce Stream - Accountancy, Business Studies, Economics):
- थ्योरी एग्जाम: 80 मार्क्स (समय: 3 घंटे)
- प्रोजेक्ट वर्क / इंटरनल असेसमेंट: 20 मार्क्स (प्रोजेक्ट फाइल + मौखिक परीक्षा)
- उत्तीर्ण योग्यता: थ्योरी में 26.4 मार्क्स और प्रोजेक्ट वर्क में 6.6 मार्क्स आवश्यक हैं।
3. गणित एवं भाषा विषय (Mathematics, English Core, Hindi):
- थ्योरी एग्जाम: 80 मार्क्स (समय: 3 घंटे)
- इंटरनल असेसमेंट (Internal Assessment): 20 मार्क्स (आवधिक परीक्षण/Periodic Tests + सब्जेक्ट-वाइज गतिविधियां व एएसएल)।
सीबीएसई 12वीं बोर्ड में बेहतर स्कोर के लिए ट्रेंडिंग स्टडी टिप्स
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एनसीईआरटी (NCERT) टेक्स्टबुक्स का गहन अध्ययन: चूंकि 50% प्रश्न एप्लीकेशन-बेस्ड होंगे, इसलिए सिलेब्स की हर पंक्ति और उदाहरणों के पीछे छिपे विचारों को समझना जरूरी है।
आधिकारिक सैंपल पेपर्स हल करें: सीबीएसई द्वारा जारी सैंपल क्वेश्चन पेपर्स (SQPs) और मार्किंग स्कीम का नियमित अभ्यास करें। इससे आपको क्वश्न के कठिनाई लेवल और स्टेप-मार्किंग का सटीक अंदाजा होगा।
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इंटरनल चॉइस का सही चुनाव: दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में दिए जाने वाले आंशिक विकल्पों (Internal Choices) में से उसी प्रश्न को चुनें जिस पर आपकी पकड़ सबसे मजबूत हो।
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स्टेप मार्किंग का लाभ लें: सीबीएसई आंसरों के सही स्टेप्स पर भी मार्क्स प्रदान करता है। गणित व विज्ञान के न्यूमेरिकल में फॉरमूले और यूनिट्स लिखना न भूलें।
