ग्लेशियर नदियों का उद्गम स्रोत होते हैं, जहां से बर्फ पिघलने की वजह से कई बड़ी नदियों की शुरुआत होती है। दुनिया में अलग-अलग ग्लेशियर मौजूद हैं, जिनसे कई प्रमुख नदियों का उद्गम होता है। इस कड़ी में क्या आप जानते हैं कि एशिया के प्रमुख ग्लेशियर कौन-से हैं, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
एशिया में पाए जाते हैं सबसे अधिक ग्लेशियर
ध्रुवीय क्षेत्रों के बाहर एशिया में दुनिया के सबसे ज्यादा ग्लेशियर पाए जाते हैं। हिमालय, काराकोरम, पामीर और हिंदूकुश पर्वतमालाओं में फैले इन बर्फ के बड़े भंडारों को 'तीसरा ध्रुव' भी कहा जाता है।
एशिया के प्रमुख ग्लेशियर
सियाचिन ग्लेशियर: काराकोरम पर्वतमाला में स्थित सियाचिन ग्लेशियर ध्रुवीय क्षेत्रों के बाहर दुनिया के सबसे लंबे ग्लेशियरों में से एक है। इसकी कुल लंबाई लगभग 76 किलोमीटर है। यह भारत के लद्दाख क्षेत्र में स्थित है और इसे दुनिया का सबसे ऊंचा युद्धक्षेत्र भी माना जाता है। सियाचिन से नुब्रा नदी निकलती है, जो आगे चलकर श्योक नदी में मिल जाती है।
फेदचेंको ग्लेशियर: ताजिकिस्तान की पामीर पर्वतमाला में स्थित फेदचेंको ग्लेशियर ध्रुवीय क्षेत्र के बाहर दुनिया का सबसे लंबा ग्लेशियर है। इसकी लंबाई लगभग 77 किलोमीटर है। यह बड़ा ग्लेशियर मध्य एशिया की पामीर नदी बेसिन को पानी की आपूर्ति करता है और पूरे इलाके के पर्यावरण संतुलन के लिए बहुत अहम है।
बाल्तोरो और बियाफो ग्लेशियर: ये दोनों बड़े ग्लेशियर पीओके के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में काराकोरम पर्वतमाला का हिस्सा हैं। बाल्तोरो ग्लेशियर लगभग 63 किलोमीटर लंबा है और इसी के पास दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी के-2 स्थित है। वहीं, बियाफो ग्लेशियर 67 किलोमीटर लंबा है, जो 49 किलोमीटर लंबे हिस्पर ग्लेशियर के साथ मिलकर दुनिया की सबसे लंबे ग्लेशियर सिस्टम का निर्माण करता है।
गंगोत्री ग्लेशियर: भारत के उत्तराखंड राज्य में स्थित गंगोत्री ग्लेशियर भारतीय हिमालय के सबसे बड़े ग्लेशियरों में से एक है। इसकी लंबाई लगभग 30 किलोमीटर है। यह पवित्र गंगा नदी भागीरथी के रूप में का मुख्य उद्गम स्थल है। इसके गोमुख नाम के स्थान से निकलने वाला पानी उत्तर भारत के करोड़ों लोगों की जीवनरेखा है।
रोंगबुक ग्लेशियर: यह ग्लेशियर तिब्बत में माउंट एवरेस्ट के उत्तरी बेस कैंप के पास स्थित है। तिब्बत से माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने वाले पर्वतारोहियों के लिए यह ग्लेशियर एक प्रमुख मार्ग का काम करता है।
जेमू ग्लेशियर: पूर्वी हिमालय में भारत के सिक्किम राज्य में स्थित कंचनजंगा पर्वत की तलहटी में यह एक बड़ा ग्लेशियर है। इसकी लंबाई लगभग 26 किलोमीटर है और यह तीस्ता नदी का मुख्य जलस्रोत है।
