सतलुज को उत्तर भारत की प्रमुख नदियों में गिना जाता है, जो कि पंजाब की सबसे बड़ी नदी है। यह नदी पेयजल, जलविद्युत और कृषि के लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण नदी मानी जाती है। नदी का उद्गम भारत नहीं, बल्कि पड़ोसी देश चीन से होता है। यहां से निकलने के बाद यह नदी भारत होते हुए पाकिस्तान में प्रवेश करती है और अंत में अरब सागर में मिल जाती है। खास बात यह है कि इस नदी के ऊपर भारत का दूसरा सबसे ऊंचा बांध भी बना हुआ है। इस लेख में हम नदी के उद्गम और इससे जुड़े अन्य तथ्यों के बारे में विस्तार से जानेंगे।
कहां से निकलती है सतलुज नदी
सतुलज नदी का उद्गम तिब्बत में मानसरोवर झील के पास राक्षसताल झील से होता है। यहां से निकलने के बाद यह नदी शिपकिला दर्रे के पास से भारत में प्रवेश करती है। नदी की लंबाई करीब 1500 किलोमीटर है।
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पंजाब में कितनी है सतलुज नदी की लंबाई
सतुलज नदी को पंजाब की सबसे बड़ी नदी कहा जाता है। यह नदी पंजाब में करीब 284 किलोमीटर का रास्ता तय करती है और इस प्रकार यह पंजाब की 5 बड़ी नदियों में से एक प्रमुख नदी है। यह नदी राज्य में कृषि, जलविद्युत और पेयजल के लिए सबसे प्रमुख नदी मानी जाती है। आपको बता दें कि सतलुज के अलावा पंजाब में झेलम, चिनाब, ब्यास और रावी नदियों का प्रवाह होता है।
सतलुज पर बना है भारत का दूसरा सबसे ऊंचा बांध
सतुलज नदी के ऊपर भारत का दूसरा सबसे ऊंचा बांध यानि कि भाखड़ा-नांगल बांध बना हुआ है। इस बांध की ऊंचाई 226 मीटर है। यह बांध जलविद्युत परियोजना के लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण बांध माना जाता है और इसे पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने ‘आधुनिक भारत का मंदिर’ कहा था।
इस बांध की नींव 1946 में रखी गई थी और इसका निर्माण कार्य 1963 में जाकर पूरा हुआ। आपको बता दें कि भाखड़ा बांध हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में है, जबकि नांगल बांध पंजाब के नांगल में स्थित है। इन बांधों की मदद से 1325 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाता है। सतुलज नदी सिंधु नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी भी है।
