नेपाल में है दुनिया की सबसे गहरी नदी घाटी, जो हिमालय पर्वतों से भी पुरानी है!

Last Updated: Oct 11, 2026, 14:33 IST

दुनिया की सबसे गहरी नदी घाटी भारत के पड़ोसी देश में है, जो कि पूरी दुनिया में अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जानी जाती है। इस लेख में हम इस बारे में विस्तार से जानेंगे।

सबसे गहरी नदी घाटी
सबसे गहरी नदी घाटी

दुनिया में अलग-अलग नदियों का प्रवाह होता है। इनमें कुछ नदियां बहुत ही उथली हैं, जबकि कुछ नदियां बहुत गहरी घाटियों का निर्माण करती हैं। इस कड़ी में क्या आप जानते हैं कि भारत के पड़ोसी देश नेपाल में दुनिया की सबसे गहरी नदी घाटी है। यह एरिया हिमालयी क्षेत्र में आता है। कौन-सी है यह नदी घाटी, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें। 

दुनिया की सबसे गहरी नदी घाटी

दुनिया की सबसे गहरी नदी घाटी का नाम काली गंडकी गॉर्ज है। यह हमारे पड़ोसी देश नेपाल के हिमालयी क्षेत्र में स्थित है। यह घाटी अपने बड़े रूप, भूवैज्ञानिक महत्त्व और प्राकृतिक सुंदरता के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। 

क्या है भौगोलिक स्थिति और कितनी है गहराई

काली गंडकी गॉर्ज नेपाल में दो बड़ी पर्वत श्रृंखलाओं के ठीक बीच से होकर गुजरती है। यह पश्चिम में धौलागिरी पर्वत (8,167 मीटर) और पूर्व में अन्नपूर्णा प्रथम पर्वत ( 8,091 मीटर) के बीच से निकलती है। किसी भी गॉर्ज (खड्ड) की गहराई नदी के तल और उसके दोनों ओर स्थित पहाड़ों की सबसे ऊंची चोटियों के बीच के अंतर से मापी जाती है।

अन्नपूर्णा और धौलागिरी की चोटियों से लेकर नीचे बहने वाली काली गंडकी नदी के तल तक की गहराई लगभग 5,571 मीटर यानि करीब 18,278 फीट है। यही गहराई इसे दुनिया का सबसे गहरा खड्ड बनाती है।

कैसे बनी नदी घाटी

इस बड़े गॉर्ज का निर्माण काली गंडकी नदी के लगातार बहने और पहाड़ों को काटने से हुआ है। यह नदी हिमालय के पार तिब्बत सीमा के पास मस्तांग क्षेत्र से निकलती है। इसका नाम हिंदू देवी 'काली' के नाम पर रखा गया है। नदी का पानी अक्सर गाद और काली मिट्टी के कारण काले रंग का दिखाई देता है। भूवैज्ञानिकों का मानना है कि यह नदी हिमालय पर्वतों के निर्माण से भी पुरानी है। जैसे-जैसे हिमालय के पहाड़ ऊपर उठते गए, यह नदी उन्हें काटती गई, जिससे यह दुनिया की सबसे गहरी घाटी बन गई।

नदी में शालिग्राम शिलाओं का क्या है रहस्य

धार्मिक रूप से यह घाटी बहुत पवित्र मानी जाती है, क्योंकि पूरी दुनिया में केवल काली गंडकी नदी के तल में ही पवित्र 'शालिग्राम' पत्थर पाए जाते हैं। शालिग्राम असल में करोड़ों साल पुराने समुद्री जीवों के जीवाश्म हैं। चूंकि, करोड़ों साल पहले हिमालय का हिस्सा 'टेथिस सागर' के नीचे था, इसलिए यहां समुद्री जीवों के जीवाश्म मिलते हैं। हिंदू धर्म में शालिग्राम को पूजा जाता है।

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Oct 11, 2026, 14:33 IST

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