भारत का सबसे बड़ा पड़ोसी देश, जिसके पास है Veto Power
भारत कुल 7 देशों के साथ अपनी स्थलीय सीमा साझा करता है। इनके अलावा, यह दो देशों के साथ जलीय सीमा साझा करता है। इस लेख में हम जानेंगे कि आखिर भारत का सबसे बड़ा पड़ोसी देश कौन-सा है, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
भारत कुल 7 देशों के साथ अपनी स्थलीय सीमा साझा करता है। इनके अलावा, यह दो देशों के साथ जलीय सीमा साझा करता है। इनमें पाकिस्तान, भूटान, चीन और श्रीलंका समेत मालदीव शामिल है। इनमें कुछ देश बहुत बड़े हैं, तो कुछ देश बहुत ही छोटे हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत का सबसे बड़ा पड़ोसी देश कौन-सा है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत का सबसे बड़ा पड़ोसी देश
क्षेत्रफल और जनसंख्या, दोनों ही रूप से भारत का सबसे बड़ा पड़ोसी देश चीन है। भारत के उत्तर में स्थित चीन दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश और एशिया महाद्वीप का सबसे शक्तिशाली व समृद्ध राष्ट्र माना जाता है।
कितना बड़ा है पड़ोसी देश चीन
चीन का एरियालगभग 95.96 लाख वर्ग किलोमीटर है, जो भारत के कुल क्षेत्रफल 32.87 लाख वर्ग किमी से लगभग तीन गुना बड़ा है। यहां की जनसंख्या लगभग 140 करोड़ से अधिक है, जो कि दुनिया में भारत के बाद दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश है।
चीन की राजधानी और मुद्रा
चीन का सबसे बड़ा शहर संघाई है। यहां की राजधानी बीजिंग है, जबकि चीन की आधिकारिक मुद्रा युआन है।
भारत और चीन की सीमा (LAC)
चीन भारत के उत्तर में स्थित एक प्रमुख पड़ोसी देश है। दोनों देशों के बीच की सीमा को वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control-LAC) कहा जाता है। दोनों देशों के बीच लगभग 3,488 किलोमीटर लंबी स्थल सीमा है। भारत के 4 राज्य हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और 1 केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख चीन की सीमा को छूते हैं। भारत के पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश और चीन के बीच की सीमा रेखा को 'मैकमोहन रेखा' कहा जाता है, जिसे 1914 में शिमला समझौते के तहत निर्धारित किया गया था।
क्या है आर्थिक और वैश्विक महत्त्व
चीन अमेरिका के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (GDP) है। इसे 'दुनिया का कारखाना' कहा जाता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, मशीनरी और सोलर पैनल जैसे क्षेत्रों में चीन का वैश्विक बाजार पर दबदबा है। चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का स्थायी सदस्य है और उसके पास 'वीटो पावर' (Veto Power) प्राप्त है।
चीन से सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक संबंध
भारत और चीन के बीच संबंध हजारों साल पुराने हैं। ईसा पूर्व और मध्यकाल में बौद्ध धर्म भारत से ही चीन पहुंचा, जिसने चीनी संस्कृति और दर्शन को बहुत प्रभावित किया। प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेनसांग और फाहियान प्राचीन काल में ज्ञान और बौद्ध ग्रंथों की खोज में भारत आए थे। दोनों देशों को जोड़ने वाला ऐतिहासिक Silk Route व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का मुख्य जरिया था।
A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.