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संघ-राज्य संबंध / केंद्र-राज्य संबंध

Last Updated: Dec 16, 2015, 17:22 IST

भारत, राज्यों का एक संघ है। भारत के संविधान को विधायपालिका, कार्यपालिका और केंद्र तथा राज्यों के बीच वित्तीय शक्तियों में विभाजित किया गया है, जो संविधान को संघीय विशेषता प्रदान करता है जबकि न्यायपालिका एक श्रेणीबद्ध संरचना में एकीकृत है। भाग XI में अनुच्छेद 245-255 केंद्र और राज्यों के बीच विधायी संबंधों के विभिन्न पहलुओं का आदान-प्रदान करता है। संविधान में केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग और समन्वय को सुरक्षित करने के लिए विभिन्न प्रावधान तय किए गए हैं।

संघ-राज्य संबंध / केंद्र-राज्य संबंध
संघ-राज्य संबंध / केंद्र-राज्य संबंध

भारत, राज्यों का एक संघ है। भारत के संविधान को विधायपालिका, कार्यपालिका और केंद्र तथा राज्यों के बीच वित्तीय शक्तियों में विभाजित किया गया है, जो संविधान को संघीय विशेषता प्रदान करता है जबकि न्यायपालिका एक श्रेणीबद्ध संरचना में एकीकृत है। भाग XI में अनुच्छेद 245-255 केंद्र और राज्यों के बीच विधायी संबंधों के विभिन्न पहलुओं का आदान-प्रदान करता है। संविधान में केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग और समन्वय को सुरक्षित करने के लिए विभिन्न प्रावधान तय किए गए हैं।

केंद्र-राज्य संबंध तीन भागों में विभाजित हैं जिनका उल्लेख नीचे किया जा रहा है:

(a). विधायी संबंध (अनुच्छेद 245-255)

(b). प्रशासनिक संबंध (अनुच्छेद 256-263)

(c). वित्तीय संबंध (अनुच्छेद 268-293)

विधायी संबंध

भाग XI में अनुच्छेद 245-255 केंद्र और राज्यों के बीच विधायी संबंधों के विभिन्न पहलुओं का आदान-प्रदान करता है। इसमे शामिल हैं:

1. संसद और राज्यों के विधान मंडलों द्वारा बनाए गए कानूनी क्षेत्राधिकार।

2. विधायी विषयों की वितरण

3. राज्य सूची में एक विषय के संबंध में संसद को कानून बनाने की शक्तियां।

4. केंद्र सरकार के नियंत्रण वाली राज्य विधान मंडल

हालांकि, संविधान की सातवीं अनुसूची केंद्र और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों का वितरण प्रदान करती है। विधायी विषयों को प्रथम सूची (संघ सूची), द्वितीय सूची (समवर्ती सूची) और तृतीय सूची (राज्य सूची) में बांटा गया है।

• वर्तमान में, संघ सूची के अंतर्गत 100 विषय शामिल हैं जिसमें विदेशी मामलों, रक्षा, रेलवे, डाक सेवा, बैंकिंग, परमाणु ऊर्जा, संचार, मुद्रा आदि जैसे विषय शामिल हैं।

• वर्तमान में, राज्य सूची में 61 विषय शामिल हैं। सूची में पुलिस, सार्वजनिक व्यवस्था, परिवहन, स्वास्थ्य, कृषि, स्थानीय सरकार, पेयजल की सुविधा, साफ-सफाई आदि जैसे विषय शामिल हैं।

• वर्तमान में, समवर्ती सूची में 52 विषय शामिल हैं। सूची में शिक्षा, वन, जंगली जानवरों और पक्षियों की रक्षा, बिजली, श्रम कल्याण, आपराधिक कानून और प्रक्रिया, सिविल प्रक्रिया, जनसंख्या नियंत्रण और परिवार नियोजन, दवा आदि जैसे विषय शामिल हैं।

1. अनुच्छेद 245 अपनी कार्यकारी शक्तियों के प्रयोग से संबंधित कुछ मामलों में राज्यों को निर्देश देने के लिए केंद्र को शक्तियां प्रदान करता है।

2. अनुच्छेद 249 राष्ट्रीय हित में राज्य सूची में एक विषय के संबंध में कानून बनाने के लिए संसद को शक्तियां प्रदान करता है।

3. अनुच्छेद 250 के तहत, संसद जब राष्ट्रीय आपात स्थिति (अनुच्छेद 352) होती है तो संसद के हाथों में राज्य सूची से संबंधित मामलों पर कानून बनाने की शक्तियां आ जाती हैं।

4. अनुच्छेद 252 के तहत, संसद के पास दो या दो से अधिक राज्यों के लिए उनकी सहमति से कानून बनाने का अधिकार है।

प्रशासनिक संबंध

अनुच्छेद 256-263 का संबंध केंद्र और राज्यों के बीच प्रशासनिक संबंधों के आदान-प्रदान से है। अनुच्छेद 256 यह बताता है कि संसद द्वारा बनाए गये कानूनों का अनुपालन सुनिश्चत करना प्रत्येक राज्य का अधिकार है। कोई भी मौजूदा कानून जो उस राज्य पर लागू होता है और संघ की कार्यकारी शक्ति का विस्तार करने हेतु एक राज्य को इस तरह के दिशा-निर्देश दिए जाते हैं जिसे राज्य को इस उद्देश्य हेतु भारत सरकार के सामने प्रस्तुत करना जरूरी होता है।

केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग

संविधान में केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग और समन्वय को सुरक्षित करने के लिए विभिन्न प्रावधान तय किए गए हैं। इसमें शामिल है:

I. अनुच्छेद 261 यह बताता है कि "सार्वजनिक कानूनों, रिकॉर्ड और प्रत्येक राज्य तथा संघ की न्यायिक कार्यवाही के लिए पूर्ण विश्वास और पूरा श्रेय भारतीय भूभाग को दिया जाना चाहिए।"

II. अनुच्छेद 262 के अनुसार, 'संसद, विधि द्वारा किसी भी अन्तार्रजीय नदी या नदी घाटी के पानी के उपयोग, वितरण या नियंत्रण के संबंध में किसी भी विवाद या शिकायत पर निर्णय या फैसला सुना सकती है।"

III. अनुच्छेद 263 राज्यों के बीच विवादों पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रपति को जांच कराने के लिए एक अंतर-राज्य परिषद का गठन करने की शक्ति देता है। यह राष्ट्रपति को कुछ या सभी राज्यों या संघ अथवा एक से अधिक राज्यों के उन विषयों पर जांच या चर्चा कराने की भी अनुमति देता है जिन पर सभी का एक साझा हित होता है।

IV. अनुच्छेद 307 के अनुसार, संसद कानून के द्वारा व्यापार और वाणिज्य के अन्तार्रजीय स्वतंत्रता से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए उचित समझे जाने वाले कानून द्वारा ऐसे प्राधिकारी नियुक्त कर सकता है।

आपातकाल के दौरान केंद्र और राज्य के संबंध

i. एक राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) के दौरान राज्य सरकार केंद्र सरकार के अधीनस्थ हो जाती है। राज्य के सभी कार्यकारी कार्य केंद्र सरकार के नियंत्रण में आ जाते हैं।

ii. एक राज्य में आपातस्थिति के दौरान (अनुच्छेद 356 के तहत), राज्य के विधान मंडल के अलावा, राष्ट्रपति खुद सभी या राज्य सरकार और राज्य में राज्यपाल या प्राधिकारी द्वारा प्रयोग की जाने वाली शक्तियों और सभी या किसी भी कार्य को अपने हाथों में ले सकते हैं।

iii. वित्तीय आपात स्थिति (अनुच्छेद 360) के दौरान संघ अथवा केंद्र किसी भी राज्य सरकार को वित्तीय सिद्धांतों का पालन करने के दिशा-निर्देश दे सकता है जो विशिष्ट दिशा-निर्दिष्ट भी हो सकते हैं। इन दिये जाने वाले दिशा-निर्देशों पर राष्ट्रपति स्पष्ट और आवश्यक निर्णय दे सकते हैं।

वित्तीय संबंध

संविधान के बारहवें भाग का अनुच्छेद 268-293 केंद्र और राज्य के वित्तीय संबंधों के संबंधित है।

राजस्व शक्तियों का आवंटन

संविधान, केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को राजस्व के स्वतंत्र स्रोत प्रदान करता है। केंद्र और राज्य को आवंटित शक्तियों को निम्नलिखित बिंदुओं द्वारा समझा जा सकता है:

(i) संसद के पास संघ सूची में उल्लिखित विषयों पर कर लगाने की अनन्य शक्ति है।

(ii) राज्य विधायिकाओं के पास राज्य सूची में वर्णित विषयों पर कर लगाने की अनन्य शक्ति है

(iii) संसद और राज्य विधायिका दोनों के पास समवर्ती सूची में वर्णित विषयों पर कर लगाने का अधिकार है।

(iv) संसद के पास अवशिष्ट विषयों से संबंधित मामलों पर कर लगाने की अनन्य शक्ति है।

हालांकि, कर राजस्व वितरण के मामले में,

• अनुच्छेद 268 यह बताता है कि कर संघ अथवा केंद्र द्वारा लगाए जाते हैं लेकिन राज्य द्वारा उन्हें एकत्र और विनियोजित किया जाता है;

• सेवा कर, संघ द्वारा लगाए जाता है और संघ एवं राज्यों द्वारा एकत्र और विनियोजित किया जाता है (अनुच्छेद 268-ए);

• करों को संघ द्वारा लगाया और एकत्र किया जाता है लेकिन राज्यों को सौंपा जाता है (अनुच्छेद 269);

• करों को संघ द्वारा लगाया और एकत्र किया जाता है लेकिन राज्यों और संघों के बीच वितरित किया जाता है (अनुच्छेद 270);

• संघ के प्रयोजनों के लिए कुछ खास शुल्कों और करों पर अधिभार लगाया जाता है (अनुच्छेद 271)।

अनुच्छेद 275 के तहत, संसद किसी भी राज्य के लिए अनुदान सहायता प्रदान करने के लिए अधिकृत है। संसद सहायता की जरूरत निर्धारित की जरूरत होने के लिए निर्धारित कर सकते हैं अनुदान सहायता की जरूरत निर्धारित कर सकते हैं और विभिन्न राज्यों के लिए भिन्न राशियां तय की जा सकती है।

अनुच्छेद 282 के तहत, संघ या किसी राज्य किसी भी सार्वजनिक उद्देश्य के लिए किसी भी प्रकार का अनुदान कर सकते हैं, बाबजूद इसके भी कि जिस संदर्भ के साथ संसद और राज्य विधायिका, नियमों का निर्माण किया है वो उसका उद्देश्य है ही नहीं।

अनुच्छेद 352 के तहत, राष्ट्रीय आपातकाल की कार्रवाई के दौरान, केंद्र और राज्यों के बीच राजस्व के वितरण को राष्ट्रपति द्वारा बदला जा सकता है।

अनुच्छेद 360 के तहत, वित्तीय आपात स्थिति के आपरेशन के दौरान संघ अथवा केंद्र किसी भी राज्य सरकार को वित्तीय सिद्धांतों का पालन करने के दिशा-निर्देश दे सकता है जो विशिष्ट दिशा-निर्दिष्ट भी हो सकते हैं। इन दिये जाने वाले दिशा-निर्देशों पर राष्ट्रपति स्पष्ट और आवश्यक निर्णय दे सकते हैं।

केंद्र-राज्य संबंधों से संबंधित पहले प्रशासनिक सुधार आयोग की महत्वपूर्ण सिफारिशें इस प्रकार हैं:

• अनुच्छेद 263 के तहत एक अंतर-राज्यीय परिषद की स्थापना।

• जितना संभव हो सके राज्यों के लिए शक्तियों का विकेन्द्रीकरण।

• राज्यों के लिए वित्तीय संसाधनों का अधिक हस्तांतरण।

• इस तरह की हस्तांतरण की व्यवस्था करना जिससे राज्य अपने दायित्वों को पूरा कर सकते हैं।

• राज्यों के लिए ऋण की प्रगति 'उत्पादक सिद्धांत' के रूप से संबंधित होनी चाहिए।

• राज्यों में उनके अनुरोध या अन्यथा के अनुसार केंद्रीय सशस्त्र बलों की तैनाती।

राज्य आपात स्थिति के दौरान, अनुच्छेद 356 के तहत एक राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता की स्थिति में राष्ट्रपति शासन भी लगाया जा सकता है।

Hemant Singh is an academic writer with 7+ years of experience in research, teaching and content creation for competitive exams. He is a postgraduate in International
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First Published: Dec 16, 2015, 17:22 IST

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