भारत के कुल पड़ोसी देशों की बात करें, तो इनकी संख्या 9 है। इसमें भूमि और समुद्री सीमा से लगे देश हैं। आपने इनके वर्तमान नाम के बारे में पढ़ा या सुना ही होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि इन देशों का प्राचीन नाम क्या था, यदि आप नहीं जानते हैं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत के पड़ोसी देश और उनके नाम
भारत के पड़ोसी देश और उनके नाम अलग-अलग हैं, जिनमें कुछ देशों के बारे में अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछा जाता हैः
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देश (वर्तमान नाम)
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पुराना नाम
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देश से जुड़ी जानकारी
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म्यांमार
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बर्मा
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प्राचीन काल में इस देश को ब्रह्मदेश या सुवर्णभूमि के नाम से जाना जाता था। हालांकि, 1989 में इसका नाम बदलकर म्यांमार कर दिया गया।
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बांग्लादेश
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पूर्वी पाकिस्तान
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1947 से पहले देश यह पूर्वी बंगाल के नाम से जाना जाता था। साल 1947 विभाजन के बाद यह 'पूर्वी पाकिस्तान' हुआ और 1971 के मुक्ति संग्राम के बाद यह 'बांग्लादेश' बना।
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श्रीलंका
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सिलोन
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प्राचीन भारतीय ग्रंथों में इसे सिंहल द्वीप या ताम्रपर्णी नाम दिया गया है। हालांकि, अंग्रेजों के समय इसे 'सिलोन' नाम से जाना जाता था,जिसे 1972 में श्रीलंका किया गया।
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अफगानिस्तान
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आर्याना
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महाभारत काल और वैदिक काल में इस क्षेत्र को गांधार और कम्बोज नाम से जाना जाता था। बाद में इसका नाम अफगानिस्तान हो गया।
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चीन
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कैथे
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चीनी साहित्य में इसे महाचीन या चीनास्टान के नाम से जाना जाता था। हालांकि, मध्यकालीन यूरोप में इसे 'कैथे' बोला जाता था।
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पाकिस्तान
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कोई पुराना नाम नहीं था
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1947 से पहले यह British India का ही हिस्सा था। हालांकि, प्राचीन काल में इसका क्षेत्र सप्त सिंधु के नाम से प्रसिद्ध था।
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नेपाल
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नेपाल मंडल
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पुराने भारतीय ग्रंथों और सम्राट अशोक के स्तंभों में इसे नेपाल या नेपाल देश ही कहा गया है।
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भूटान
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द्रुक युल
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स्थानीय स्तर पर इसे आज भी 'द्रुक युल' यानि कि Thunder Dragon की भूमि कहा जाता है। वहीं, पहले इसे भोटांत यानि कि तिब्बत का अंत भी कहा जाता था।
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समुद्री सीमा वाले पड़ोसी देश
मालदीव को पहले महलदीप के नाम से जाना जाता था। संस्कृत भाषा में इसे पहले महलद्वीप या महिलाद्वीप भी कहा जाता था।
