दुनिया में अलग-अलग देशों में अलग-अलग शहर मौजूद हैं, जो कि अपनी अलग-अलग विशेषताओं के लिए जाने जाते हैं। इस कड़ी में दुनिया में इकलौता शहर ऐसा भी है, जो कि एक नहीं, बल्कि 2 महाद्वीपों पर बसा हुआ है। यह शहर यूरोप और एशिया, दोनों में आता है। कौन-सा है यह शहर, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
2 महाद्वीपों पर बसा इकलौता शहर
दुनिया में 2 महाद्वीपों पर बसा इकलौता शहर इस्तांबुल है। तुर्किये का ऐतिहासिक और खूबसूरत शहर इस्तांबुल दुनिया का इकलौता ऐसा शहर है, जो भौगोलिक रूप से दो महाद्वीपों यूरोप और एशिया में फैला हुआ है। यह शहर दुनिया के लिए केवल एक भौगोलिक अजूबा ही नहीं, बल्कि संस्कृतियों, साम्राज्यों और इतिहास का एक बहुत बड़ा मिलन बिंदु है।
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शहर को बांटता है 'बोस्पोरस'
इस्तांबुल को दो महाद्वीपों में बांटने का काम 'बोस्पोरस जलडमरूमध्य' (Bosphorus Strait) करती है। यह एक प्राकृतिक और बहुत बिजी जलमार्ग है, जो उत्तर में 'काला सागर' (Black Sea) को दक्षिण में 'मरमरा सागर' (Sea of Marmara) से जोड़ता है।
यूरोपीय हिस्सा: बोस्पोरस के पश्चिमी तरफ का हिस्सा यूरोप में आता है, जिसे 'थ्रेस' (Thrace) कहा जाता है। इस्तांबुल का यह हिस्सा इसका ऐतिहासिक और व्यावसायिक केंद्र है। पर्यटकों के आकर्षण की सबसे ज्यादा जगहें इसी हिस्से में हैं।
एशियाई हिस्सा: पूर्वी तरफ का हिस्सा एशिया में आता है, जिसे 'अनातोलिया' कहा जाता है। यह हिस्सा मुख्य रूप से आवासीय है, जहां की जीवनशैली यूरोपीय हिस्से की तुलना में अधिक शांत और पारंपरिक है।
कैसे जुड़ते हैं महाद्वीप
इन दोनों महाद्वीपों को जोड़ने के लिए बोस्पोरस के ऊपर तीन बड़े सस्पेंशन ब्रिज जैसे बोस्पोरस ब्रिज और समुद्र के नीचे से गुजरने वाली एक आधुनिक रेलवे सुरंग बनाई गई है। हर दिन लाखों लोग काम के लिए एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप की यात्रा करते हैं।
तीन महान साम्राज्यों की है राजधानी
इस्तांबुल का इतिहास गौरवशाली रहा है। इसे मूल रूप से 'बाइजेटियम' के नाम से जाना जाता था। बाद में रोमन सम्राट कॉन्सटेंटाइन द ग्रेट ने इसे अपनी राजधानी बनाया और इसका नाम बदलकर 'कुस्तुनतुनिया' कर दिया। अपने लगभग 2,500 साल के इतिहास में यह शहर तीन सबसे महान साम्राज्यों की राजधानी रहा है:
-रोमन साम्राज्य
-बाइजेंटाइन साम्राज्य
-उस्मानिया या ओटोमन साम्राज्य
शहर की संस्कृति और प्रमुख धरोहरें
इस्तांबुल में पूर्व और पश्चिम की संस्कृति का संगम देखने को मिलता है। यहां की वास्तुकला में रोमन महलों के खंडहर, बीजान्टिन चर्चों के गुंबद और ओटोमन मस्जिदों की खूबसूरत मीनारें एक साथ दिखाई देती हैं। इनमें कुछ इस प्रकार हैंः
-हागिया सोफिया : यह पहले एक भव्य चर्च था, फिर मस्जिद बना, फिर संग्रहालय और अब फिर से एक मस्जिद है।
-नीली मस्जिद: नीले रंग की टाइलों और अपनी छह बड़ी मीनारों के लिए यह दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
-ग्रैंड बाजार: यह दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े ढके हुए बाजारों में से एक है, जिसमें 4,000 से अधिक दुकानें हैं।
