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दिल्ली सल्तनत के अंतर्गत लोदी वंश का संक्षिप्त विवरण

दिल्ली सल्तनत के अंतर्गत लोदी वंश भारत का पहला अफगान पश्तून राजवंश था, जिसने 1451 से 1526 ईस्वी तक शासन किया थाl इस राजवंश का उदय सैय्यद वंश के बाद हुआ था तथा यह वह समय था जब प्रशासन में सुधार, सेना को मजबूत बनाना, भूमि राजस्व के लिए मशीनरी तैयार करना, खेती का विस्तार एवं सुधार तथा लोगों के कल्याण जैसे कामों को अंजाम दिया गया थाl इस लेख में हम दिल्ली सल्तनत के अंतर्गत लोदी राजवंश का सम्पूर्ण विवरण दे रहे हैंl
Apr 10, 2017 13:35 IST
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दिल्ली सल्तनत के अंतर्गत लोदी वंश भारत का पहला अफगान पश्तून राजवंश था, जिसने 1451 से 1526 ईस्वी तक शासन किया थाl इस राजवंश का उदय सैय्यद वंश के बाद हुआ था तथा यह वह समय था जब प्रशासन में सुधार, सेना को मजबूत बनाना, भूमि राजस्व के लिए मशीनरी तैयार करना, खेती का विस्तार एवं सुधार तथा लोगों के कल्याण जैसे कामों को अंजाम दिया गया थाl इस लेख में हम दिल्ली सल्तनत के अंतर्गत लोदी राजवंश का सम्पूर्ण विवरण दे रहे हैंl

Sultanate

दिल्ली सल्तनत के अंतर्गत लोदी वंश का संक्षिप्त विवरण

बहलोल लोदी (1451-1489 ईस्वी)

1. वह लोदी राजवंश का संस्थापक थाl मुहम्मद शाह के शासनकाल के दौरान उसने लाहौर और सरहिंद के सूबेदार (गवर्नर) के रूप में अपनी सेवाएं दी थीl

2. उसने दिल्ली सल्तनत की महानता को पुनः स्थापित करने की कोशिश की, इसीलिए उसने दिल्ली के आसपास के क्षेत्रों पर पुनः कब्जा कर लिया थाl उसका सबसे सफल युद्ध जौनपुर के शासक “महमूद शाह शर्की” के खिलाफ थाl

3. बहलोल लोदी द्वारा विजय प्राप्त किए गए प्रदेश मेवात (अहमद खान), संभल (दरिया खान), कोल (ईसा खान), सुकेत (मुबारक खान), मणिपुर और भोनगांव (राजा प्रताप सिंह), रेवारी (कुतुब खान), इटावा और चन्दावरl

4. 1498 ईस्वी में बहलोल लोदी का सुयोग्य पुत्र निजाम शाह “सुल्तान सिकन्दर शाह” के नाम से सत्ता पर काबिज हुआl

दिल्ली सल्तनत के अंतर्गत सैय्यद राजवंश का संक्षिप्त विवरण

सिकन्दर लोदी (1498-1517 ईस्वी)

1. वह तीनों लोदी शासकों में सबसे सुयोग्य थाl उसने बिहार और तिरहुत के राजा पर विजय प्राप्त की थी और बंगाल के शासक “अलाउद्दीन हुसैन शाह” के साथ संधि-पत्र पर हस्ताक्षर किया थाl उसने “दरिया खान” को बंगाल के गवर्नर के रूप में नियुक्त किया थाl

2. सिकन्दर लोदी ने धोलपुर और चंदेरी जैसे क्षेत्रों पर विजय प्राप्त कर अपने साम्राज्य का विस्तार कियाl वह अपने सरदारों और जगीरदारों पर सख्त निगरानी रखता था और उनके द्वारा किये गए विद्रोह को सख्ती से दबा देता थाl

3. उसने एक कुशल जासूसी प्रणाली की स्थापना की थी और सरकारी खातों के जांच की भी व्यवस्था की थीl

4. उसने व्यापार पर लगाए गए प्रतिबंध को कम किया, जिससे लोगों की आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा मिलाl कृषि भूमि की माप के लिए उसने 39 अंकों या 32 इंच के "गज-ए-सिकन्दरी" (सिकन्दर यार्ड) की शुरूआत की थीl

5. उसने अपनी राजधानी को दिल्ली से आगरा स्थानांतरित किया, जिसे उसके द्वारा ही स्थापित किया गया थाl आगरा के निकट सिकन्दरा नामक गांव में अकबर का कब्र स्थित है, जिसका नाम सिकन्दर के नाम पर रखा गया था।

6. वह एक कट्टर सुन्नी मुसलमान थाl उसमें धार्मिक सहिष्णुता का अभाव था और उसने हिन्दुओं पर “जजिया” और “तीर्थयात्रा कर” लगाया थाl वह कला और संस्कृति का उदार संरक्षक थाl वह फारसी भाषा में “गुलरूखी” के नाम से छंद लिखता थाl

दिल्ली सल्तनत के दौरान किए गए सैन्य सुधारों का संक्षिप्त विवरण

इब्राहीम लोदी (1517-1526 ईस्वी) 

1. सिकंदर शाह के बाद उसके दोनों बेटे इब्राहिम और जलाल क्रमशः आगरा और जौनपुर के सिंहासन पर काबिज हुएl बाद में, इब्राहिम लोदी ने जलाल को मार कर अपने पिता का उत्तराधिकारी बन गयाl

2. उसके शासनकाल में कई विद्रोह हुए थेl उसके शासनकाल में दरिया खान लोहानी ने बिहार की स्वतंत्रता की घोषणा कर दी थीl

3. लोहानी, फार्मूली और लोदी जनजातियों के प्रति उसकी दमनकारी नीति और लाहौर के गवर्नर दिलावर खान के प्रति उसके अनुचित व्यवहार के कारण अमीर उसके खिलाफ हो गएl रईसों को बदल दिया।

पानीपत की पहली लड़ाई (1526 ईस्वी)

4. दौलत खान लोदी (दिलावर खान के पिता) और आलम खान ने काबुल के तैमूरी शासक “बाबर” को भारत पर आक्रमण करने के लिए आमंत्रित कियाl

पानीपत की पहली लड़ाई (1526 ईस्वी) में बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराया और उसकी हत्या कर दीl इसके साथ ही वह दिल्ली और आगरा का शासक बन गयाl इसके साथ ही दिल्ली सल्तनत का अंत हो गया और भारत में मुगल वंश की स्थापना हुईl

दिल्ली सल्तनत की समय-सीमा और कालक्रम