उत्तर प्रदेश भारत का वह राज्य है, जो कि अपनी सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ समृद्ध इतिहास और अनूठी परंपराओं के लिए जाना जाता है। इसके साथ ही यह राज्य अपने यहां की जैव विविधता के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां के जंगलों में हमें अलग-अलग प्रकार के वन्यजीव देखने को मिलते हैं। इस कड़ी में यहां नेशनल पार्क से लेकर वाइल्डलाइफ सेंचुरी भी मौजूद हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि यूपी का सबसे बड़ा नेशनल पार्क कौन-सा है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा नेशनल पार्क
उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा और इकलौता नेशनल पार्क दुधवा नेशनल पार्क है। यह पार्क उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में है, जो कि भारत-नेपाल सीमा के तराई क्षेत्र में फैला हुआ है।
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कितने एरिया में फैला है नेशनल पार्क
उत्तर प्रदेश के दुधवा नेशनल पार्क का कोर एरिया करीब 490.3 वर्ग किलोमीटर है। यदि इसमें किशनपुर और कतरनियाघाट वाइल्डलाइफ सेंचुरी को मिला दिया जाए, तो पूरे दुधवा टाइगर रिजर्वका कुल क्षेत्रफल 1,280 वर्ग किलोमीटर से भी है।कब मिला नेशनल पार्क का दर्जा
दुधवा नेशनल पार्क को 1958 में बारासिंगाके संरक्षण के लिए वाइल्डलाइफ सेंचुरी बनाया गया था। हालांकि,
जनवरी 1977 में इसे आधिकारिक रूप से नेशनल पार्क का दर्जा मिला। प्रसिद्ध संरक्षणवादी बिली अर्जन सिंह के प्रयासों का इस पार्क को नेशनल पार्क बनवाने में बहुत बड़ा योगदान माना जाता है।
पार्क को लेकर यह है खास बात
आपको बता दें कि दुनिया में बारासिंगा की सबसे बड़ी आबादी दुधवा नेशनल पार्क में ही पाई जाती है। इसके अलावा, 1984-85 में असम और नेपाल से गैंडों को लाकर यहां सफलतापूर्वक बसाया गया था, जो अब इस पार्क की बड़ी पहचान बन गए हैं। पार्क को लेकर सबसे खास बात यह भी है कि यह दुनिया का एकमात्र ऐसा पार्क है, जहां हिरण की 5 अलग-अलग प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें बारहसिंगा, सांभर, पाढ़ा या हॉग डियर, चीतल और बार्किंग डियर शामिल है।
1987 में दुधवा टाइगर रिजर्व घोषित
साल 1987 में प्रोजेक्ट टाइगर के तहत दुधवा पार्क को रॉयल बंगाल टाइगर और तेंदुआ के लिए दुधवा टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। यहां हाथी, भालू, सांभर, चीतल और हिरण भारी संख्या में मौजूद हैं।
दुधवा का जंगल
दुधवा नेशनल पार्क में साल के घने पड़े पाए जाते हैं, जो कि ऊंचे दलदली घास के मैदान और जलीय क्षेत्र में देखने को मिलते हैं। वहीं, इस नेशनल पार्क के पास से सुहेली और मोहाना नदियां बहती हैं, जो इसके पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को समृद्ध बनाती हैं।
