दुनिया में आपने अलग-अलग ज्वालामुखियों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। कुछ ज्वालामुखी अपने आकार के लिए जाने जाते हैं, जबकि कुछ ज्वालामुखी अपनी अधिक ऊंचाई के लिए प्रसिद्ध हैं। इस कड़ी में दुनिया में एक ज्वालामुखी ऐसा भी है, जो कि अपने सबसे ऊंचे शिखर के लिए जाना जाता है। कौन-सा है यह ज्वालामुखी और कहां है स्थित, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
दुनिया का सबसे ऊंचा ज्वालामुखी शिखर
दुनिया का सबसे ऊंचा ज्वालामुखी शिखर 'ओजोस डेल सलाडो'है। यह दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में अर्जेंटीना और चिली देश की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई लगभग 6,893 मीटर (22,615 फीट) है। यह न केवल दुनिया का सबसे ऊंचा ज्वालामुखी है, बल्कि माउंट एकांकागुआ के बाद पश्चिमी और दक्षिणी गोलार्ध का दूसरा सबसे ऊंचा पर्वत शिखर भी है।
क्या है इसके नाम का अर्थ और भौगोलिक विशेषताएं
'ओजोस डेल सलाडो' एक स्पेनिश शब्द है, जिसका हिंदी में अर्थ ‘नमकीन आंखें’ या नमक के गड्ढे होता है। यह नाम इसे इसलिए दिया गया है, क्योंकि इसके ग्लेशियरों और ढलानों के बीच नमक के बड़े भंडार और खारे पानी की छोटी-छोटी झीलें पाई जाती हैं, जो ऊंचाई से देखने पर आंखों जैसी दिखती हैं।
एंडीज पर्वतमाला का है हिस्सा
यह ज्वालामुखी एंडीज पर्वतमाला (Andes Mountains) का हिस्सा है और अटाकामा रेगिस्तान के बेहद करीब स्थित है। अटाकामा रेगिस्तान दुनिया के सबसे शुष्क स्थानों में से एक है। इस शुष्क जलवायु और बहुत कम बारिश के कारण इतनी अधिक ऊंचाई होने के बावजूद इसके शिखर पर सर्दियों के अलावा बहुत ज्यादा बर्फ जमा नहीं होती है।
क्या है ज्वालामुखी की स्थिति
भौगोलिक रूप से इसे एक एक्टिव ज्वालामुखी माना जाता है, हालांकि इसमें हाल-फिलहाल में कोई बड़ा विस्फोट नहीं हुआ है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका आखिरी बड़ा विस्फोट लगभग 1,300 साल पहले हुआ था। इसके बावजूद, आज भी इसके क्रेटर यानि मुख के पास से सल्फर गैसें और भाप निकलती हुई देखी जा सकती हैं।
ओजोस डेल सलाडो की एक और सबसे बड़ी खासियत इसकी ऊंचाई पर स्थित क्रेटर झील है। इसके पूर्वी हिस्से में लगभग 6,390 मीटर की ऊंचाई पर 100 मीटर डायमीटर वाली एक छोटी झील स्थित है। इसे आधिकारिक तौर पर दुनिया की सबसे ऊंचाई पर स्थित झील माना जाता है।
