उत्तर प्रदेश में 1500 साल पुराना वह स्थान, जो मंदिर से बन गया किला

उत्तर प्रदेश को विविधता, संस्कृति और इतिहास की धरती कहा जाता है। इस कड़ी में यहां एक किला ऐसा भी है, जो कभी मंदिर हुआ करता था, लेकिन बाद में इसकी किलेबंदी कर सुरक्षित किया और यह किला बन गया। 

Jul 6, 2026, 18:30 IST
यूपी का गढ़वा किला
यूपी का गढ़वा किला

उत्तर प्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है। यहां की संस्कृति, अनूठी परंपराएं और समृद्ध इतिहास इसे अन्य राज्यों से अलग बनाते हैं। इस कड़ी में यहां एक किला ऐसा भी है, जो कि कभी मंदिर हुआ करता था, लेकिन बाद में यह किला बन गया। स्थानीय राजा ने इस मंदिर के इतिहास को संरक्षित करने के लिए इसकी किलेबंदी की और बाद में यह किला बन गया, जिसका इतिहास 1500 साल पुराना है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे।

मंदिर से बन गया था किला 

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज का गढ़वा किला वह स्थान है, जो कि कभी मंदिर हुआ करता था। यह अपने यहां पाए गए पुराने अवशेषों के लिए मशहूर है। यह वास्तव में कोई सैन्य किला नहीं है, बल्कि एक प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर को सुरक्षा के लिहाज से बड़ी-बड़ी दीवारों से घेरा गया है, जिससे यह किले जैसा दिखता है।

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क्या है किले की बनावट

इस किले के निर्माण की बात करें, तो किले के बाहर का परकोटा पंचकोणीय आकार में बनाया गया है, जिससे इसे आकर्षक रूप मिलता है। वहीं, किले के चारों ओर सुरक्षा बुर्ज बनाए गए हैं, जहां तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई हैं। इस किले की दीवार अन्य सैन्य किलों के मुकाबले कम ऊंची हैं।

किले में है गुप्तकालीन मंदिर 

इस किले की खास बात यह है कि किले में गुप्त काल का बना हुआ मंदिर है, जो कि 55 फीट लंबा और 30 फीट चौड़ा है। यह मंदिर चौकोर गर्भगृह और खंभों के मंडप से बना हुआ है। इन मंडपों पर बहुत ही बारीकी से नक्काशी की गई है, जो कि ग्रीक वास्तुकला से मिलती-जुलती है। यहां एक प्राचीन शिव मंदिर है, जिसमें मौजूद शिवलिंग ब्रिटिश काल में चोरी हो गया था।

किले में मौजूद हैं ऐतिहासिक बावलियां

इस किले में आज भी दो ऐतिहासिक बावलियां मौजूद हैं, जिनमें एक बावली ऐसी है, जो कि कभी नहीं सूखती है। ऐसा माना जाता है कि इस बावली का उपयोग राजा, रानी और उनके दलों द्वारा उपयोग किया गया था। 

किले में हैं दुर्लभ मूर्तियां 

इस किले में कई दुर्लभ मूर्तियां हैं, जिनका इतिहास 11वीं -12वीं सदी का है। इनमें एक मूर्ति भगवान विष्णु की है, जो कि 10 अवतार वाली मूर्ति है। गुप्त काल की मूर्तियां और स्तंभों को गुलाबी बलुआ पत्थरों में तराशा गया है। यही वजह है कि इन प्राचीन मूर्तियों को स्तंभों को चोरी से बचाने के लिए लखनऊ स्थित राज्य संग्रहालय में भेज दिया गया है। 

Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

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