भारत की धरती पर ऐसे कई ऐतिहासिक किले बने हुए हैं, जो कि इतिहास के पन्नों के साथ-साथ आज भी अपनी भव्यता और समृद्ध इतिहास की कहानी बयां करते हैं। इस कड़ी में राजस्थान की शान कहा जाने वाला एक किला ऐसा भी है, जिसकी ऊंचाई दिल्ली के कुतुब मीनार से भी अधिक है। यह एक किला एक बहुत ही ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है, जिस वजह से यह बहुत ही ऊंचा किला है। इस लेख में हम इस किले के बारे में विस्तार से जानेंगे।
कौन-सा किला कुतुब मीनार से भी ऊंचा है
राजस्थान के जोधपुर में स्थित मेहरानगढ़ का किला भारत के सबसे शानदार किलों में गिना जाता है। यह किला राजस्थान के प्रमुख किलों में आता है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से देशी और विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं।
Related Stories
कितना ऊंचा है मेहरानगढ़ का किला
मेहरानगढ़ का किला 120 मीटर ऊंची एक पहाड़ी पर बना हुआ है, जिससे इसकी ऊंचाई दिल्ली के कुतुब मीनार(73 मीटर) से भी अधिक है। किले की दीवारें 10 किलोमीटर के रेडियस में बनी हुई हैं, जिनकी ऊंचाई 20 से 120 फुट और चौड़ाई 12 से 70 फुट तक है।
किसने बनाया था मेहरानगढ़ का किला
मेहरानगढ़ किले की नींव 12 मई, 1459 में जोधपुर के शासक राव जोधा द्वारा रखी गई थी। उनके नाम पर ही शहर का नाम जोधपुर रखा गया। बाद में इस किले को महाराज जसवंत सिंह ने पूरा करवाया। ऐसे में यह किला 500 से भी अधिक पुराना है।
किले का मुख्य आकर्षण क्या है
मेहरानागढ़ किले में पहुंचने के लिए बहुत ही घुमावदार रास्ते से पहुंचने होता है। यहां ‘जय पोल’ और ‘फतेह पोल’ बने हुए हैं, जो कि बहुत ही मजबूत माने जाते हैं। इनके अलावा, किले में फूल महल है, जो कि सोने के पत्थरों से बना हुआ है, वहीं मोती महल में रंगीन शीशे और नक्काशी हो रखी है। किले में ही सती माता का मंदिर भी है।
किला और 1965 युद्ध का संबंध
स्थानीय लोगों के मुताबिक, साल 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय मेहरानगढ़ किले को पाकिस्तानी फौज द्वारा निशाना बनाया गया था। हालांकि, इस किले को नुकसान नहीं पहुंचा है। किले के प्रवेश द्वार पर कुछ तोप के गोले के निशान हैं, लेकिन ये निशान जयपुर समेत अन्य रियासतों द्वारा किए गए हमले के हैं। इनका संबंध पाकिस्तान के हमले से नहीं है।
