भारत का इतिहास उठाकर देखें, तो हमें इसका विविधतापूर्ण इतिहास देखने को मिलता है। इतिहास के पन्नों में भारत के ऐतिहासिक किले भी शामिल हैं, जिनमें से एक मुरुद-जंजीरा किला भी है। यह किला अपनी बनावट के लिए जाना जाता है, जो कि अरब सागर के बीचों-बीच बना हुआ है। खास बात यह है कि इस किले को आज तक कोई नहीं जीत सका है। कब और किसने बनवाया था यह किला और क्या हैं किले से जुड़े रहस्य, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
कहां है मुरुद-जंजीरा किला
मुरुद-जंजीरा किला महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में मौजूद है। यहां समुद्र के बीच बने एक चट्टानी द्वीप पर यह किला बनाया गया है, जहां तक पहुंचने में दुश्मनों के दांत खट्टे हो जाते थे।
कितना बड़ा है मुरुद-जंजीरा किला
मुरुद-जंजीरा किला कुल 22 एकड़ में फैला हुआ है। यह एक बड़ी और ऊंची चाहरदीवारी से घिरा हुआ है, जो कि काले चट्टानी पत्थरों से बनी हुई है। किले के चारों ओर गहरा समुद्र है, ऐसे में यहां पहुंचने के लिए नाव का सहारा ही लिया जाता है। यही वजह है कि इस किले को जीतना बहुत मुश्किल था।
मुगल, मराठा और अंग्रेज भी नहीं जीत सके किले
यह किला अपनी मजबूत रक्षा व्यवस्था के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि इसे कोई भी शासक नहीं जीत सका। इस किले को जीतने के लिए मुगल, मराठा और अंत में ब्रिटिश फौज ने भी बहुत कोशिश की, लेकन कोई भी इस किले को नहीं जीत सका।
किले में मौजूद है मीठे पानी की झील
किले को लेकर एक खास बात यह है कि किले के चारों ओर खारे पानी का समुद्र है, लेकिन किले में मीठे पानी की झील है, जो कि एक बड़ा रहस्य है। यह पानी कभी किले में रहने वाले शासकों के लिए पीने का पानी स्रोत हुआ करता था।
किले में मौजूद थी 500 से अधिक तोपें
यह किला अपने यहां मौजूद 500 से अधिक तोपों के लिए जाना जाता था। इन तोपों में कलाल बांगड़ी, चावड़ी और कासम जैसी बड़ी तोपें शामिल थीं। किले के प्रवेश द्वार पर 6 हाथियों को कुचलते हुए एक शेर की आकृति बनाई गई है, जो कि यहां राज्य चिह्न हुआ करती थी।
