उत्तर प्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है। यह राज्य भौगोलिक रूप से अलग-अलग क्षेत्रों में बंटा हुआ है, जिसमें से एक मध्य क्षेत्र यानि कि सेंट्रल यूपी भी शामिल है। इस क्षेत्र में यूपी के अलग-अलग जिले आते हैं, जिन्हें अवध नाम से भी जाना जाता है। क्या आप इन जिलों के बारे में जानते हैं, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
यूपी के मध्य क्षेत्र के जिले कौन-से हैं
उत्तर प्रदेश का मध्य क्षेत्र यानि Central UP, जिसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से मुख्य तौर पर 'अवध' के नाम से जाना जाता है, राज्य का राजनीतिक, प्रशासनिक और सांस्कृतिक हृदय माना जाता है। यह क्षेत्र गंगा और गोमती जैसी प्रमुख नदियों के उपजाऊ मैदानी इलाकों में बसा है। मध्य उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिले और उनकी भौगोलिक व आर्थिक विशेषताएं इस प्रकार हैं:
लखनऊ
यह उत्तर प्रदेश की राजधानी और मध्य क्षेत्र का सबसे प्रमुख जिला है। इस जिले को 'नवाबों के शहर' भी कहा जाता है, जो कि अपनी चिकनकारी कढ़ाई, अवधी खानपान, ऐतिहासिक इमारतों और तहजीब के लिए जाना जाता है।
कानपुर नगर
भौगोलिक रूप से गंगा-यमुना दोआब में स्थित होने के बावजूद, कानपुर को मध्य यूपी का प्रमुख औद्योगिक और कमर्शियल केंद्र माना जाता है। इसे कभी 'उत्तर भारत का मैनचेस्टर' कहा जाता था। यह अपने चमड़ा उद्योग, कपड़ा मिलों और IIT Kanpur जैसे प्रमुख शिक्षण संस्थानों के लिए जाना जाता है।
अयोध्या
सरयू नदी के तट पर बसा यह जिला पूरे भारत का प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है। भगवान राम की जन्मस्थली होने के कारण यह विश्व मानचित्र पर एक प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में स्थापित हो चुका है। पहले इस जिले को 'फैजाबाद' के नाम से जाना जाता था।
उन्नाव
लखनऊ और कानपुर के ठीक बीच में स्थित उन्नाव एक महत्त्वपूर्ण औद्योगिक और ऐतिहासिक जिला है। यह चंद्रशेखर आजाद पक्षी अभयारण्य यानि नवाबगंज बर्ड सैंक्चुअरी और अपने बेहतरीन चमड़ा निर्यात कारखानों के लिए जाना जाता है।
लखीमपुर खीरी
यह क्षेत्रफल के लिहाज से उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है। यहां राज्य का एकमात्र नेशनल पार्क 'दुधवा नेशनल पार्क' स्थित है, जो बाघों और बारहसिंघों के संरक्षण के लिए जाना जाता है।
सीतापुर
यह मुख्य रूप से एक कृषि प्रधान जिला है, जो नैमिषारण्य जैसे प्राचीन हिंदू तीर्थस्थल और अपनी प्लाईवुड व चीनी मिलों के लिए जाना जाता है।
रायबरेली
रायबरेली में मॉडर्न रेल कोच फैक्ट्री स्थित है, जो भारतीय रेलवे के लिए आधुनिक एलएचबी (LHB) डिब्बों का निर्माण करती है।
अमेठी
यह जिला अपने कृषि और राजनीतिक महत्त्व के साथ-साथ मुंशीगंज स्थित आयुध निर्माणी के लिए भी जाना जाता है।
बाराबंकी
लखनऊ से सटा बाराबंकी जिला सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की विश्व प्रसिद्ध दरगाह 'देवा शरीफ' के लिए जाना जाता है। इसके अलावा यह जिला अफीम की खेती और बड़े पैमाने पर पिपरमेंट के उत्पादन के लिए भी प्रसिद्ध है।
इनके अलावा हरदोई, गोंडा, और फतेहपुर जैसे जिले भी मध्य उत्तर प्रदेश का अहम हिस्सा हैं, जो मुख्य रूप से कृषि और स्थानीय उद्योगों पर निर्भर हैं।
