भारत में आपने राष्ट्रीय राजमार्गों के बारे में पढ़ा और सुना ही होगा। हालांकि, क्या आपने कभी राष्ट्रीय जलमार्गों के बारे में भी पढ़ा या सुना है? यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे। क्योंकि, राष्ट्रीय जलमार्ग भारत की परिवहन प्रणाली का अहम हिस्सा हैं। इसके साथ ही यह परिवहन के लिए बेहतर विकल्प होने के साथ मजबूत, किफायती और पर्यावरण के लिए भी अनुकूल है। इस लेख में हम सभी प्रमुख राष्ट्रीय जलमार्गों के बारे में जानेंगे।
भारत में कितने राष्ट्रीय जलमार्ग हैं
देश में पहले ही रेलवे और सड़कों पर यातायात का दबाव है। ऐसे में इस दबाव को कम करने के उद्देश्य से भारत सरकार की ओर से राष्ट्रीय जलमार्ग अधिनियम, 2016 के तहत देश की विभिन्न नदियों, नहरों और खाड़ियों को शामिल करते हुए कुल 111 राष्ट्रीय जलमार्गों की घोषणा की गई थी।
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कितने राष्ट्रीय जलमार्ग चालू हैं?
मौजूदा समय में कुल 111 राष्ट्रीय जलमार्गों में से 30 से अधिक राष्ट्रीय जलमार्ग पूरी तरह से चालू हैं। इनकी कुल लंबाई 5000 किलोमीटर से अधिक है।
राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1):
यह जलमार्ग देश का पहला और सबसे लंबा जलमार्ग है, जो कि 1986 में चालू हुआ था। यह यूपी के प्रयागराज से लेकर पश्चिम बंगाल के हल्दिया तक है, जिसकी कुल लंबाई 1620 किलोमीटर है।
राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (NW-2)
यह जलमार्ग पूर्वोत्तर भारत में है, जो कि यहां की जीवनरेखा भी कहा जाता है। इसकी शुरुआत सादिया से होती है और यह असम के धुबरी तक है। जलमार्ग की लंबाई 891 किलोमीटर है।इस मार्ग की खास बात यह है कि यह मार्ग असम को पश्चिम बंगाल और पड़ोसी देश बांग्लादेश के रास्ते (इंडो-बांग्लादेश प्रोटोकॉल रूट) जोड़ता है।
राष्ट्रीय जलमार्ग-3 (NW-3)
यह जलमार्ग दक्षिण भारत में है, जो कि नहर प्रणाली पर आधारित है। राष्ट्रीय जलमार्ग-3 कोट्टापुरम से केरल तक है, जो कि 205 किलोमीटर है। यह अपने देश का पहला जलमार्ग है, जहां 24 घंटे जहाजों के आवागमन की सुविधा है।
राष्ट्रीय जलमार्ग-4 (NW-4)
यह जलमार्ग मुख्य रूप से कीनाडा से पुडुचेरी तक है, जो कि कृष्णा और गोदावरी नदियों का हिस्सा है। इसकी कुल लंबाई 1095 किलोमीटर है।
राष्ट्रीय जलमार्ग-5 (NW-5)
यह राष्ट्रीय जलमार्ग ओडिसा के तलचर से पश्चिम बंगाल के धमरा तक है, जिसकी कुल लंबाई 588 किलोमीटर है।
क्या है ताजा अपडेट
भारत में इन जलमार्गों के माध्यम से 2024-25 वित्तीय वर्ष में 145.84 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो का परिवहन किया गया है। वहीं, केंद्र की ओर से 2026-27 के बजट में अगले 5 वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों को चालू करने की घोषणा की गई है। इसके बाद चालू जलमार्गों की संख्या 32 से बढ़कर 52 हो जाएगी।
