नेपाल में भीषण बाढ़ को लेकर कई तस्वीरें सामने आ रही हैं। बाढ़ की वजह से जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। संकट की स्थिति को देखते हुए भारतीय दूतावास की ओर से इमेरजेंसी नंबर भी जारी किये गए हैं। वहीं, बाढ़ की स्थिति को देखते हुए भारतीय राज्य में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है।
क्योंकि, आगे यह नदी भारत का भी रूख करती है। इस लेख में हम जानेंगे कि आखिर नेपाल में तबाही मचाने वाली यह नदी कौन-सी है और भारत से इसका क्या कनेक्शन है?
नेपाल में किस नदी ने मचाई है तबाही
नेपाल में तबाही मचाने वाली नदी भोटेकोशी नदी है। इस नदी में आई भीषण बाढ़ की वजह से नेपाल में भयंकर तबाही मची है। अचानक आई इस बाढ़ की वजह से कई मकान, दुकान और ऑफिस बाढ़ के पानी में बह गए हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में जान-माल का नुकसान हुआ है।
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नेपाल में क्यों आई है बाढ़
नेपाल में आई बाढ़ के कारण पर गौर करें, तो तिब्बत के हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर फट गया है और हिमस्खलन के कारण ल्हेंदे नदी का पानी रुक गया था, जिसका बांध अचानक टूटा और बिना बारिश के ही भोटेकोशी नदी में भीषण बाढ़ आ गई।
नेपाल का कौन-सा एरिया हुआ है प्रभावित
नेपाल में बाढ़ आने की वजह से रसुवा जिले के टिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाके बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। यहां कई श्रद्धालु भी फंस गए हैं। वहीं, कई घर, वाहन, सड़कें और पुल पानी में बह गए हैं। इसके अलावा, कई लोगों के लापता और हताहत होने की भी खबरें सामने आ रही हैं।
कहां से निकलती है भोटेकोशी नदी
भोटेकोशी नदी तिब्बत के ऊंचे पठारी ग्लेशियरों से निकलती है। तिब्बत से दक्षिण की ओर बहते हुए यह नेपाल के सिंधुपालचोक और रसुवा जिलों के रास्ते नेपाल में प्रवेश करती है। आपको बता दें कि नेपाली और पहाड़ी भाषा में 'भोटे' का अर्थ ‘तिब्बत से आने वाली’ और 'कोशी' का अर्थ ‘नदी’ होता है, यानी इसका अर्थ तिब्बत से निकलने वाली नदी हुआ।
भारत से क्या है कनेक्शन
अब हम भोटेकोशी नदी के भारत के कनेक्शन के बारे में जान लेते हैं। यह नदी नेपाल में बहते हुए आगे चलकर सुनकोशी नदी में मिलती है। सुनकोशी अन्य सहायक नदियों जैसे- अरुण व तामुर आदि के साथ मिलकर सप्तकोशी नदी यानि कोसी नदी का निर्माण करती है, जो कि आगे चलकर भारत के बिहार राज्य में प्रवेश कर गंगा नदी में मिलती है।
बिहार राज्य में हाई अलर्ट
कोसी नदी को बिहार का शोक कहा जाता है। क्योंकि, यह नदी हर साल अपना रास्ता बदलकर बिहार में बाढ़ का कारण बनती है। इसे देखते हुए बिहार राज्य को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
