Jamia Final Year Compartment Exam: जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) के छात्रों के लिए एग्जाम नियमों में कई बड़े बदला किए गए है। कॉलेज ने अपने एग्जाम नियमों को रिवाइज्ड करते हुए 'इमीडिएट कंपार्टमेंट एग्जाम’ की व्यवस्था शुरू की है। विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (EC) ने इससे जुड़े 'अध्यादेश-15' में भी रिवाइज्ड को ऑफिशियल तौर से मंजूरी दे दी है। इन नियमों में बदलाव करने से जिन छात्रों की डिग्री किसी बैकलॉग एग्जाम के कारण रूकी हुई थी, अब उन छात्रों को आसानी से अपनी डिग्री मिल जाया करेगी।
जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) में जारी किए गए इन नए नियमों के अनुसार, यदि कोई छात्र फाइनल ईयर के किसी सब्जेक्ट में फेल हो जाता है या छात्र की बैक आ जाती है, तो उस छात्र को बैक क्लियर करने के लिए अगले साल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वह नए नियमों के आयोजित होने वाले कंपार्टमेंट एग्जाम के द्वारा उसी सेशन में क्लियर कर पाएंगे। साथ ही, अपनी डिग्री को हासिल कर पाएंगे।
जामिया एग्जाम नियम बदलाव 2026 के हाइलाइट्स
जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) द्वारा जारी किए गए इस नय नियम की जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स के द्वारा हासिल हुई है। इस नियम से जुड़ी मुख्य हाइलाइट्स के बारे में जानने के लिए छात्र नीचे टेबल में दी गई हाइलाइट्स को देख सकते हैं।
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इवेंट
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पुराने नियम
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नए नियम
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किन छात्रों के लिए
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केवल फाइन साल के छात्र
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केवल फाइन साल के छात्र
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बैकलॉग होने पर मौका
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अगले शैक्षणिक साल का इंतजार करना पड़ता था
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तुरंत कंपार्टमेंट एग्जाम दे सकते हैं
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सबसे बड़ा फायदा
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डिग्री मिलने में 1 साल की देरी होती थी।
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उसी सेशन में डिग्री मिलेगी। साथ ही, पूरा 1 साल बचेगा
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लागू होने का टाइम
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वर्तमान शैक्षणिक सेशन 2026 से शुरू होगा।
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वर्तमान शैक्षणिक सेशन 2026 से शुरू होगा।
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ऑफिशियल वेबसाइट
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jmi.ac.in
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jmi.ac.in / jmicoe.in
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नए नियम की पूरी एलीजिबिलिटी क्या है?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार Jamia Millia Islamia कॉलेज द्वारा जारी इस नियम का लाभ उठाने के लिए छात्रों के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। इन्हें जानने के लिए यहां देखें:-
- केवल फाइनल ईयर के लिए: यह नियम केवल उन छात्रों पर लागू होगा जो अपने कोर्स (UG/PG/Diploma) के Final Year या Last Semester में होंगे। फर्स्ट या सेकंड ईयर के छात्रों को पुराने नियमों के अनुसार ही अपने एग्जाम को देने होंगे।
- सीमित सब्जेक्टों में बैक: यदि छात्र फाइनल ईयर के निर्धारित सब्जेक्ट्स में फेल हो जाता है, तो वह इस साल तुरंत कंपार्टमेंट के लिए एलिजिबल होगा। सभी सब्जेक्ट में फेल होने पर यह नियम किसी भी छात्र पर लागू नहीं होगा।
- रिजल्ट और डिग्री: कंपार्टमेंट एग्जाम का आयोजन मुख्य एग्जाम के रिजल्ट जारी होने के कुछ ही हफ्तों बाद कर दिया जाएगा, जिसके कारण छात्र आसानी से एग्जाम में शामिल हो सकें। साथ ही, इन कंपार्टमेंट एग्जाम में शामिल होने वाले छात्रों का फाइनल रिजल्ट की मार्कशीट भी जल्द जारी कर दी जाएगी।
रेगुलर छात्रों को मिलेगा इस नियम का लाभ
Jamia Millia Islamia द्वारा जारी किया गया यह नया नियम केवल कॉलेजो में डेली आने वाले छात्रों यानी रेगुलर कोर्स में पढ़ने वाले रेगुलर छात्रों के लिए मान्य होगा।
कार्यकारी परिषद ने विश्वविद्यालय के रीचेकिंग नियमों में किए गए रिवाइज्ड नियमों को मंजूरी दे दी है। अध्यादेश-15 के रिवाइज्ड खंड 23.1 के तहत, फाइनल साल के छात्र अब आंसर-शीट के रीचेकिंग के लिए रजिस्ट्रेशन करने के बजाय सीधे कंपार्टमेंट एग्जाम में बैठने का ऑप्शन चुन सकते हैं।
छात्रों के लिए कैसे फायदेमंद है ये New Rule?
जामिया का यह कदम इस समय उच्च शिक्षा जगत और छात्रों के बीच काफी चर्चा में है। संस्था द्वारा जारी किए गए यह नए नियमों से मीडिया रिपोर्टेस के अनुसार छात्रों को कई प्रकार से फायदे मिल सकेंगे। इन फायदों के बारे में छात्र यहां से जानें।
- नौकरी और हायर एजुकेशन के अवसर सुरक्षित: पहले फाइनल ईयर में बैक लगने के कारण छात्र कैंपस प्लेसमेंट या किसी अन्य यूनिवर्सिटी में आगे की पढ़ाई के लिए अप्लाई नहीं कर पाते थे। लेकिन, अब छात्र बिना किसी रुकावट के जॉब जॉइन कर सकेंगे। साथ ही, अपनी आगे की पढ़ाई को पूरा कर सकेंगे।
- मानसिक तनाव से मुक्ति: फाइनल साल में आकर छात्र एक सब्जेक्ट की वजह से पूरे साल के लिए रूक जाते थे। साथ ही, उन छात्रों की डिग्री को भी रोक लिया जाता था, जिसके कारण छात्रों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता था। परंतु, अब छात्र आराम से इस फैसले के कारण तनाम मुक्त रह सकते हैं।
- डिजिटल मार्कशीट और वेरिफिकेशन: जामिया प्रशासन कंपार्टमेंट एग्जाम के रिजल्ट को भी सीधे डिजिलॉकर पर अपडेट करेगा, जिससे छात्र विदेशों में पढ़ाई या नौकरी के वेरिफिकेशन के लिए डिजिटल तौर पर तुरंत अपनी मार्कशीट को एक्सेस कर सकेंगे।
