भारतीय रेलवे को देश की लाइफलाइन कहा जाता है। इसके माध्यम से प्रतिदिन करोड़ों यात्री अपनी मंजिलों तक सफर पूरा करते हैं। इस कड़ी में रेलवे में कई ऐसे प्वाइंट्स हैं, जो अपनी अलग-अलग विशेषताओं के लिए जाने जाते हैं। इस कड़ी में क्या आप जानते हैं कि भारतीय रेलवे की इकलौती ऐसी जगह भी है, जहां चारों दिशाओं से रेलवे ट्रैक्स क्रॉस करते हैं। इस लेख में हम इस बारे में विस्तार से जानेंगे।
कहा जाता है डायमंड रेलवे क्रॉसिंंग
महाराष्ट्र के नागपुर में स्थित Diamond Railway Crossing भारतीय रेलवे के नेटवर्क का एक बेहद अनूठा और ऐतिहासिक अजूबा है। इसे भारतीय रेलवे का 'दिल' भी कहा जाता है, क्योंकि यहीं पर पूरे देश को जोड़ने वाली प्रमुख रेलवे लाइनें आपस में मिलती हैं।
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क्या होती है डायमंड क्रॉसिंग
रेलवे की तकनीकी भाषा में 'डायमंड क्रॉसिंग' उस जगह को कहते हैं, जहां दो अलग-अलग ट्रैक एक ही लेवल पर एक-दूसरे को क्रॉस करते हैं या काटते हैं। जब ये पटरियां एक-दूसरे के आर-पार जाती हैं, तो उनके इंटरसेक्शन पर पटरियों का आकार ज्यामितीय रूप से एक हीरे जैसा बनता है। इसी चौकोर आकार के कारण इसे 'डायमंड क्रॉसिंग' कहा जाता है।
क्यों खास है नागपुर डायमंड क्रॉसिंग
नागपुर भौगोलिक रूप से भारत के बिल्कुल केंद्र में स्थित है। इसी केंद्रीय स्थिति के कारण भारत के चारों कोनों को जोड़ने वाली मुख्य ट्रंक लाइनें नागपुर में ही आकर एक-दूसरे को क्रॉस करती हैं:
-उत्तर: नई दिल्ली से आने वाली प्रमुख रेलवे लाइन।
-दक्षिण: चेन्नई, बंगलुरु और काजीपेट की तरफ से आने वाली लाइन।
-पूर्व: हावड़ा और गोंदिया की तरफ से आने वाली लाइन।
-पश्चिम: मुंबई और पुणे की तरफ से आने वाली लाइन।
जब उत्तर-दक्षिण को जोड़ने वाली लाइन और पूर्व-पश्चिम को जोड़ने वाली लाइन नागपुर में एक ही जगह पर एक-दूसरे को काटती हैं, तो यह डायमंड क्रॉसिंग बनता है। पूरे भारत में यह इकलौती ऐसी जगह है, जहां देश की चारों प्रमुख दिशाओं का रेलवे ट्रैफिक एक ही बिंदु पर आकर मिलता है।
बाईपास का किया गया है निर्माण
रेलवे क्रॉसिंग पर भारी ट्रैफिक जाम से बचने के लिए, भारतीय रेलवे ने अब नागपुर के बाहरी किनारों पर कई नई बाईपास और कॉर्ड लाइनें बना दी हैं। अब जिन मालगाड़ियों या ट्रेनों को नागपुर स्टेशन पर नहीं रुकना होता है, उन्हें डायमंड क्रॉसिंग पर लाए बिना ही शहर के बाहर से निकाल दिया जाता है।
