एनसीआर की सीमाओं में बदलाव और कुछ जिलों को बाहर करने की मांग पर फिलहाल विराम लग गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) ने क्षेत्र की सीमा यथावत रखते हुए इसे तीन जोन में बांटने का फैसला किया है। Regional Plan 2041 के तहत तैयार यह नया ब्लूप्रिंट पर्यावरणीय नियमों को क्षेत्रवार लागू करने में मदद करेगा।
हालांकि, एनसीआर के बॉर्डर क्षेत्र में स्थित जिलों को एक बड़ी राहत जरूर मिल सकती है। अब पूरे NCR को तीन अलग-अलग जोन में बांटने की तैयारी है, जिससे पर्यावरण और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियम हर जगह एक जैसे लागू नहीं होंगे।
हरियाणा लंबे समय से कर रहा था मांग
हरियाणा सरकार का कहना था कि कुछ जिले दिल्ली से काफी दूर हैं, लेकिन उन पर भी वही प्रतिबंध लागू हो जाते हैं जो दिल्ली, गुरुग्राम या नोएडा जैसे प्रदूषण प्रभावित इलाकों पर लगाए जाते हैं। खासकर सर्दियों में वायु प्रदूषण बढ़ने पर निर्माण कार्यों और औद्योगिक गतिविधियों पर लगने वाली पाबंदियों का असर दूर वाले जिलों पर भी पड़ता था।
इसी वजह से राज्य सरकार इन जिलों को NCR से बाहर करने की मांग कर रही थी। लेकिन अब बोर्ड ने यह मांग खारिज कर दी है।
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अब NCR में बनेगा 3-जोन मॉडल
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि NCR की सीमा तो वही रहेगी, लेकिन नए Regional Plan-2041 के तहत पूरे क्षेत्र को तीन जोन में बांटा जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरतों के हिसाब से नियम लागू किए जाएं।
पहला: कोर NCR (जिसमें दिल्ली और उसके आसपास का सबसे अधिक शहरीकृत क्षेत्र शामिल होगा)
दूसरा: मध्य जोन
तीसरा: बाहरी जोन (जिसमें दिल्ली से दूर स्थित जिले शामिल होंगे)
दूर के जिलों को मिल सकती है बड़ी राहत
नए मॉडल के तहत प्रदूषण नियंत्रण समेत कई नियम जोन के आधार पर लागू किए जा सकते हैं। इसका मतलब है कि दिल्ली से दूर स्थित जिलों पर वही सख्त प्रतिबंध लागू नहीं होंगे, जो NCR के कोर क्षेत्र में जरूरी हैं।
हालांकि, किन नियमों में कितनी छूट मिलेगी, इस पर अंतिम फैसला Regional Plan-2041 लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
कब से लागू होगा नया प्लान
हाल ही में विज्ञान भवन में हुई बैठक में NCR से जुड़े राज्यों और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों ने Regional Plan-2041 पर चर्चा की। अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और अब एक उप-समिति अंतिम सुझाव तैयार करेगी, और उम्मीद है कि अगले दो महीने में योजना को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया जाएगा।
NCR को मिल सकते हैं दो नए एक्सप्रेसवे
बैठक में NCR के संतुलित विकास के लिए दो नए रीजनल एक्सप्रेसवे बनाने पर भी चर्चा हुई। पहला कॉरिडोर पानीपत, शामली, मेरठ, हापुड़, खुर्जा, होडल, रेवाड़ी, झज्जर और रोहतक को जोड़ सकता है। वहीं दूसरा कॉरिडोर करनाल, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मथुरा, डीग और अलवर जैसे शहरों को आपस में जोड़ेगा।
प्रदूषण और जल संकट पर भी फोकस
बैठक में 'परिवर्तन योजना' पर भी चर्चा हुई, जिसके तहत पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की जगह BS-VI मानकों वाले वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि NCR के कुल वायु प्रदूषण में वाहनों की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत है।
क्या है सबसे बड़ा फैसला?
हरियाणा के 5 जिले NCR से बाहर नहीं होंगे, लेकिन नए 3-जोन मॉडल के जरिए दिल्ली से दूर स्थित इलाकों को नियमों में कुछ राहत मिल सकती है। इससे विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच बेहतर संतुलन बनाने की कोशिश की जाएगी।
