प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में देश के अलग-अलग हिस्सों में बदलाव की कहानी लिख रहे लोगों और पहलों का जिक्र किया। PM मोदी ने तकनीक और स्टार्टअप से लेकर महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता, खेती, पर्यावरण और अंतरिक्ष तक के कई ऐसे उदाहरण सामने रखे, जो बताते हैं कि छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव की वजह बन सकते हैं।
नशे के खिलाफ युवाओं की भागीदारी पर जोर
प्रधानमंत्री ने ‘ड्रग-फ्री यूथ फॉर डेवलप्ड इंडिया’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि इसका लक्ष्य साफ है कि नशामुक्त युवा और नशामुक्त भारत। उन्होंने कहा कि नशे की लत सिर्फ एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करती, बल्कि पूरा परिवार और समाज इसके असर को झेलता है।
PM मोदी ने लोगों से नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए आगे आने की अपील की।
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‘हर घर तिरंगा’ का जिक्र
अगस्त को देशभक्ति से जुड़े कई महत्वपूर्ण अवसरों का महीना बताते हुए प्रधानमंत्री ने नेशनल हैंडलूम डे, भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस और स्वतंत्रता दिवस का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान देशवासियों की राष्ट्रभक्ति की भावना को और मजबूत करता है। इस साल ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के कारण अगस्त का महत्व और बढ़ गया है।
PM SVANidhi से महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का सहारा
प्रधानमंत्री ने रेहड़ी-पटरी लगाने वाली महिलाओं की सफलता का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि PM SVANidhi योजना महिलाओं को अपने छोटे कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद कर रही है।
PM मोदी के मुताबिक, योजना के करीब 46 फीसदी लाभार्थी महिलाएं हैं और लगभग 35 लाख महिलाएं इससे जुड़ी हैं। उन्होंने गाजियाबाद और बेंगलुरु की महिला स्ट्रीट वेंडर्स के उदाहरण साझा करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण के इस पहलू पर और चर्चा होनी चाहिए।
अमरनाथ यात्रा में स्वच्छता की मिसाल
स्वच्छता को लेकर प्रधानमंत्री ने श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान हुए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि मुश्किल रास्तों पर हजारों सफाईकर्मी लगातार सेवा में जुटे रहे और इस साल यात्रा के दौरान 400 मीट्रिक टन से ज्यादा कचरा इकट्ठा कर प्रोसेस किया गया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के युवा स्वयंसेवकों के स्वच्छता अभियानों का भी उल्लेख किया।
नागालैंड की महिला की सफलता की चर्चा
नागालैंड के फेक जिले की वैषालु पुरोजी की कहानी भी PM मोदी ने साझा की। उन्होंने छोटे स्तर से फूलों की खेती शुरू की और कृषि विज्ञान केंद्र से वैज्ञानिक प्रशिक्षण लिया।
इसके बाद उन्होंने सिर्फ एक चौथाई एकड़ जमीन पर हजारों ग्लेडियोलस पौधे लगाए। पहली ही कोशिश में 5000 से ज्यादा फूल खिले। यह कहानी बताती है कि सही प्रशिक्षण और मेहनत से खेती को भी बेहतर आय का जरिया बनाया जा सकता है।
Mission ShaktiSAT के बारे में क्या कहा
PM मोदी ने Mission ShaktiSAT को भी खास तौर पर रेखांकित किया। इसके तहत 108 देशों की 12,000 छात्राओं को सैटेलाइट टेक्नोलॉजी और इनोवेशन सीखने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आज देश की बेटियों के सपने धरती से आगे अंतरिक्ष तक पहुंच रहे हैं।
‘वोकल फॉर लोकल’ को आदत बनाने की अपील
त्योहारों के मौसम का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने एक बार फिर ‘वोकल फॉर लोकल’ अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इसका मतलब सिर्फ मिट्टी के दीये खरीदना नहीं है। घर के लिए सामान खरीदते समय यह जरूर देखना चाहिए कि वह भारत में बना है या नहीं।
साथ ही उन्होंने उन्होंने लोगों से खुद स्थानीय उत्पादों को अपनाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।
