सर्दियों की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों को अपनी रफ्तार पर ध्यान देना होगा। सुबह और रात के समय घना कोहरा सड़क पर विजिबिलिटी कम कर देता है, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के लिए हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
इसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने प्रदेश के सभी एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का फैसला किया है। इसके तहत वाहनों की स्पीड लिमिट में फेज वाइज़ बदलाव होगा। साथ ही, निगरानी बढ़ाने और आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इन पांच एक्सप्रेसवे पर बढ़ेगी सख्ती
यूपीडा के निर्देश आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक और गंगा एक्सप्रेसवे पर लागू होंगे। संबंधित एजेंसियों को 31 अक्टूबर तक सभी जरूरी तैयारियां पूरी करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य कोहरे के दौरान होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और यात्रियों को सुरक्षित सफर उपलब्ध कराना है।
यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीपक कुमार ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे ऊपर रहेगी। इसके लिए स्पीड लिमिट का पालन कराने के साथ सड़क सुरक्षा से जुड़े इंतजाम मजबूत किए जाएंगे।
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1 नवंबर से हल्के वाहनों की स्पीड लिमिट में बदलाव
निर्देशों के अनुसार, 1 नवंबर से 15 नवंबर तक हल्के वाहन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे के बीच अधिकतम 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकेंगे। रात 8 बजे से अगली सुबह 8 बजे तक यह सीमा 80 kmph रहेगी।
15 नवंबर से नियम और सख्त हो जाएंगे। इसके बाद हल्के वाहनों के लिए दिन में अधिकतम स्पीड लिमिट 80 और रात में 60 kmph निर्धारित की जाएगी।
मालवाहक वाहनों के लिए क्या हैं नियम?
मध्यम और भारी यात्री वाहनों के लिए 1 से 15 नवंबर तक दिन में अधिकतम स्पीड लिमिट 80 और रात में 60 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। 15 नवंबर से इसे घटाकर दिन में 60 और रात में 50 किलोमीटर प्रति घंटा कर दिया जाएगा।
वहीं, मालवाहक वाहन शुरुआती अवधि में दिन के समय अधिकतम 60 और रात में 50 kmph की रफ्तार से चल सकेंगे। 15 नवंबर से इनके लिए स्पीड लिमिट दिन में 50 और रात में 40 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
घना कोहरे में होंगे ये बदलाव
यूपीडा के अनुसार, यदि विजिबिलिटी 50 मीटर से कम रह जाती है, तो सुरक्षा दल पुलिस के सहयोग से वाहन चालकों को नजदीकी टोल प्लाजा, पेट्रोल पंप, रेस्तरां या अन्य सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में मदद करेंगे। जरूरत पड़ने पर वाहनों को समूह में आगे बढ़ाया जाएगा। कोहरा ज्यादा घना होने पर वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने की व्यवस्था भी रहेगी।
24 घंटे तैनात रहेंगी एंबुलेंस और गश्ती टीमें
एक्सप्रेसवे पर एंबुलेंस और गश्ती दल 24 घंटे ऐक्टिव रहेंगे, ताकि किसी दुर्घटना या आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। टोल प्लाजा पर उद्घोषणा, रेडियो और प्रवेश-निकास बिंदुओं के जरिए भी वाहन चालकों को सावधानी बरतने के संदेश दिए जाएंगे।
बताते चले कि कोहरे में निर्धारित गति सीमा का पालन करें, आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें और विजिबिलिटी कम होने पर जल्दबाजी से बचें। थोड़ी सावधानी न केवल आपकी, बल्कि सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों की जान भी बचा सकती है।
