विंध्य-बुंदेलखंड को मिली नई रेल कनेक्टिविटी की सौगात, आगे सिंगरौली से जुड़ने का है प्लान

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र में सतना-देवेंद्रनगर के 53 किमी और रीवा-चुरहट के 65 किमी रेलखंड का उद्घाटन किया। जिससे सीधी जिला पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ गया है। विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र में इसे एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

Oct 26, 2026, 11:31 IST
दिसंबर 2026 तक सीधी मुख्यालय पहुंचेगी ट्रेन
दिसंबर 2026 तक सीधी मुख्यालय पहुंचेगी ट्रेन

Vindhya-Bundelkhand Rail Connectivity: मध्य प्रदेश के विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों के लिए 24 अक्टूबर का दिन लंबे इंतजार के बाद नई उम्मीद लेकर आया। जिन क्षेत्रों में लोग वर्षों से रेल सुविधा का इंतजार कर रहे थे, वहां अब ट्रेन की सीटी सुनाई देने लगी है। दो नए रेलखंडों के शुरू होने से न केवल यात्रियों का सफर आसान होगा, बल्कि क्षेत्र के विकास को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। सबसे बड़ी बात यह है कि आजादी के बाद पहली बार सीधी जिले के रामपुर नैकिन-चुरहट क्षेत्र में ट्रेन पहुंची है। अब लोगों की नजरें सीधी जिला मुख्यालय तक रेल सर्विस पहुंचने पर टिकी हैं। 

दो नए रेलखंड शुरू, यात्रियों को मिली राहत

24 अक्टूबर को सतना-देवेंद्रनगर के 53 किलोमीटर और रीवा-चुरहट के 65 किलोमीटर रेलखंडों का लोकार्पण किया गया। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअल माध्यम से इन प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। इस मौके पर देवेंद्रनगर-चुरहट मेमू सेवा समेत दो नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई। 

उद्घाटन के दिन यात्रियों को फ्री में सफर का मौका भी मिला। दोनों ट्रेनें रविवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेंगी। इनका नियमित संचालन 26 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा। नई रेल सेवाओं से स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और आसपास के क्षेत्रों के बीच संपर्क भी बेहतर होगा। 

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दिसंबर 2026 तक सीधी मुख्यालय पहुंचेगी ट्रेन

कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सीधी तक रेल कनेक्टिविटी को लेकर अहम घोषणा की। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2026 तक सीधी जिला मुख्यालय तक ट्रेन पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें फिलहाल रेल यात्रा के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है। 

वहीं, सीधी से सिंगरौली के बीच रेल लाइन के निर्माण के लिए 16 सुरंगों पर काम तेजी से चल रहा है। सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2028 तक ललितपुर-सिंगरौली रेल कॉरिडोर को सिंगरौली तक पहुंचाना है। परियोजना पूरी होने के बाद इस क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। 

रेल नेटवर्क से खुलेगा विकास का रास्ता 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई रेल सेवाओं को क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से रेल सुविधा का इंतजार कर रहे इलाकों के लिए यह नए दौर की शुरुआत है। दीपावली के अवसर पर मिली इस सौगात से लोगों की खुशियां भी बढ़ेंगी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने क्या कहा

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से उद्योगों, ऊर्जा क्षेत्र और स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा। उन्होंने कटनी-सिंगरौली और रीवा-सतना रेलखंडों के दोहरीकरण का भी जिक्र किया। इससे भविष्य में लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं बढ़ेंगी। साथ ही, मध्य प्रदेश के 80 रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के लिए परियोजनाओं के दौरान काटे जाने वाले प्रत्येक पेड़ के बदले चार गुना पौधे लगाने की बात भी कही गई।

Bagesh Yadav

Senior Executive - Editorial

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