भारत में कुल 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं। इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की अपनी विशेषताएं हैं। कुछ राज्यों में मौजूद शहरों की विशेषताएं इस प्रकार हैं कि उन्हें उनके मूल नाम के अलावा उपनाम से भी जाना जाता है। इस कड़ी में देश में एक शहर ऐसा भी मौजूद है, जिसे देश की ग्रेनाइट सिटी भी कहा जाता है। कौन-सा है यह शहर, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
किस शहर को कहा जाता है ग्रेनाइट सिटी
सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि भारत में किस शहर को ग्रेनाइट सिटी कहा जाता है। आपको बता दें कि राजस्थान राज्य के जालौर शहर को देश की ग्रेनाइट सिटी के तौर पर भी जाना जाता है। जालौर को यह पहचान यहां मिलने वाले प्राकृतिक ग्रेनाइट भंडारों और इसके बड़े पैमाने पर होने वाले औद्योगिक उपयोग के कारण मिली है। जालौर व इसके आसपास की पहाड़ियों में अच्छी क्वालिटी वाला ग्रेनाइट मौजूद है।
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रंगों के लिए पूरी दुनिया में होती है पहचान
जालौर में मिलने वाले ग्रेनाइट अपने रंगों के लिए जाने जाते हैं। यहां मुख्य रूप से गुलाबी, काला, सफेद और सिल्क मर्चेंट ग्रेनाइट मिलता है। यही वजह है कि यहां बड़ी संख्या में ग्रेनाइट कटिंग और पॉलिशिंग यूनिट्स भी हैं, जहां कच्चे पत्थरों को काटकर, तराशकर और पॉलिश करके देश-विदेश के बाजारों में भेजा जाता है।
विदेशों में भी जाता है ग्रेनाइट
राजस्थान के ग्रेनाइट की मांग न सिर्फ भारत में रहती है, बल्कि यह विदेशों में भी भेजा जाता है। यहां का ग्रेनाइट दिल्ली, मुंबई और गुजरात के साथ-साथ अमेरिका, यूरोप, चीन और मध्य पूर्व के देशों में भी भेजा जाता है। ऐसे में यह जिला राजस्थान के राजस्व और रोजगार में बड़ा योगदान देता है।
जालौर के किले में हुआ है इस्तेमाल
जालौर जिले के प्रसिद्ध किले में भी स्थानीय जालौर पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। यहां के पत्थर अपनी मजबूती के लिए जाने जाते हैं, जिस वजह से इनका इस्तेमाल किले में किया गया था। वहीं, बीते वर्षों में यहां के ग्रेनाइट पत्थरों ने जालौर जिले को एक कृषि प्रमुख जिले से बदलकर व्यापारिक जिले के तौर पर पहचान दी है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने में आसानी हुई है।
