8वें वेतन आयोग से पहले कर्मचारियों की बड़ी मांग, 50% DA-DR बेसिक सैलरी में होगा मर्ज? देखें अपडेट

8वें वेतन आयोग को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है, कर्मचारी संगठनों ने मंहगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) को बेसिक सैलरी और पेंशन में शामिल करने की मांग की है। साथ ही फिटमेंट फैक्टर को भी बढ़ाने की मांग की है।

Oct 20, 2026, 11:04 IST
50% DA-DR को बेसिक सैलरी में मर्ज करने की मांग
50% DA-DR को बेसिक सैलरी में मर्ज करने की मांग

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग से काफी उम्मीदें हैं। किसी को अपनी सैलरी बढ़ने का इंतजार है, तो कोई पेंशन में राहत मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है। इसी बीच महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) को लेकर कर्मचारी संगठनों ने एक अहम मांग उठाई है। संगठन चाहते हैं कि 50% DA-DR को मूल वेतन और पेंशन में शामिल किया जाए। यदि यह मांग मान ली जाती है, तो वेतन और पेंशन की कैलकुलशन में बदलाव देखने को मिल सकता है।

हालांकि, इस मांग पर अभी केंद्र सरकार या 8वें वेतन आयोग की ओर से कोई आधिकारिक मंजूरी नहीं दी गई है। ऐसे में कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए यह जानना जरूरी है कि आखिर संगठन क्या चाहते हैं और इस मांग का उनकी जेब पर क्या असर पड़ सकता है।

22-23 अक्टूबर को मुंबई में बैठक

8वां केंद्रीय वेतन आयोग 22 और 23 अक्टूबर 2026 को मुंबई में बैठक करने जा रहा है। इससे पहले 8 अक्टूबर को बेंगलुरु में बैठक हुई थी। इन बैठकों में कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स के प्रतिनिधियों से वेतन, पेंशन, भत्तों और सेवा शर्तों को लेकर सुझाव लिए जा रहे हैं।

कर्मचारी संगठनों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। खासकर न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फैक्टर और महंगाई भत्ते से जुड़े मुद्दों पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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50% DA-DR को बेसिक सैलरी में मर्ज करने की मांग

कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स ने मांग की है कि कर्मचारियों के 50% महंगाई भत्ते और पेंशनर्स की महंगाई राहत को मूल वेतन और पेंशन में शामिल किया जाए।

दरअसल, DA और DR का उद्देश्य बढ़ती महंगाई के असर को कम करना है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि इसे मूल वेतन और पेंशन में मर्ज करने से वेतन संरचना में बदलाव हो सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ कितना होगा, यह सरकार के फैसले और नए वेतन निर्धारण के नियमों पर निर्भर करेगा।

न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फैक्टर पर भी बड़ी मांगें

8वें वेतन आयोग के सामने अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने अपने प्रस्ताव रखे हैं।

नेशनल काउंसिल-JCM: न्यूनतम मूल वेतन 69,000 रुपये और 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग।

भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS): न्यूनतम वेतन 72,000 रुपये और 4.0 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव।

कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स: 50% DA-DR को मूल वेतन और पेंशन में मर्ज करने की मांग।

फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशंस (FNPO): वेतन और सेवा लाभों में बदलाव से जुड़ी मांगें।

DA-DR मर्ज होने पर कितनी बढ़ेगी सैलरी और पेंशन?

यदि सरकार 50% DA-DR को मूल वेतन और पेंशन में मर्ज करने की मांग स्वीकार करती है, तो वेतन और पेंशन की गणना प्रभावित हो सकती है। भविष्य में मिलने वाले महंगाई भत्ते की गणना पर भी इसका असर पड़ सकता है।

हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि कर्मचारियों की सैलरी या पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी। इसके लिए फिटमेंट फैक्टर, वेतन निर्धारण के नियमों और सरकार की अंतिम अधिसूचना का इंतजार करना होगा।

फिलहाल कर्मचारियों और पेंशनर्स को आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए। 8वें वेतन आयोग की बैठकों में उठने वाली मांगें अहम जरूर हैं, लेकिन उन पर अंतिम फैसला होने के बाद ही वास्तविक लाभ की तस्वीर साफ होगी।

Bagesh Yadav

Senior Executive - Editorial

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