भारत के राष्ट्रपति की योग्यता, निर्वाचन और शक्तियां, विस्तार से पढ़ें

परीक्षाओं के लिहाज से देखें, तो भारत का राष्ट्रपति बहुत ही महत्त्वपूर्ण विषय है। इस पर विभिन्न परीक्षाओं में सवाल पूछे जाते हैं। इस लेख में हम राष्ट्रपति की योग्यता, नियुक्ति और शक्तियों के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे।

Jun 6, 2026, 13:06 IST
भारत का राष्ट्रपति
भारत का राष्ट्रपति

यदि आप किसी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो भारतीय राजनीति से जुड़ा भारत का राष्ट्रपति विषय बहुत ही महत्त्वपूर्ण टॉपिक है। बीते वर्षों में कई परीक्षाओं में इससे जुड़े सवाल पूछे गए हैं। ऐसे में इस लेख में हम राष्ट्रपति की योग्यता, नियुक्ति और शक्तियों के बारे में विस्तार से जानेंगे। परीक्षाओं में इस विषय पर अक्सर घुमावदार प्रश्न पूछे जाते हैं, जिससे कई बार बच्चे जानकारी होने के बाद भी प्रश्नों का जवाब नहीं दे पाते हैं।  

क्या है संवैधानिक स्थिति

भारतीय संविधान के भाग 5 में अनुच्छेद 52 से 78 तक केंद्रीय कार्यपालिका के बारे में जानकारी दी गई है। इसमें राष्ट्रपति का भी उल्लेख देखने को मिलता है।

अनुच्छेद 52- भारत का एक राष्ट्रपति होगा।

अनुच्छेद 53- संघ की पूरी कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित होगी और वह इसका प्रयोग संविधान के मुताबिक या फिर अपने अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा करेंगे।

राज्य का प्रमुख होता है राष्ट्रपति 

भारत का राष्ट्रपति भारतीय राज्य का प्रमुख होता है। साथ ही, वह भारत का प्रथम नागरिक भी कहलाता है, जो कि देश की एकता, अखंडता और सुदृढ़ता का प्रतीक भी है। हालांकि, यह ध्यान देने वाली बात यह है कि भारत में संसदीय शासन प्रणाली काम करती है। ऐसे में राष्ट्रपति सिर्फ नाममात्र का प्रमुख रह जाता है, जबकि वास्तविक शक्तियां प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद् के पास होती हैं। 

राष्ट्रपति के लिए योग्यता और कार्यकाल 

राष्ट्रपति के लिए योग्यताएं इस प्रकार हैंः

-वह भारत का नागरिक होना चाहिए।

-वह 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका होना चाहिए।

-वह लोक सभा का सदस्य निर्वाचित होने के लिए योग्य हो। ध्यान रखें, राज्य सभा नहीं

-वह व्यक्ति  केंद्र सरकार, राज्य सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकरण के तहत किसी 'लाभ के पद' पर न हो।

कैसे होता है राष्ट्रपति का निर्वाचन

राष्ट्रपति के निर्वाचन पद्धति के बारे में अनुच्छेद 54 और 55 में जानकारी दी गई है। राष्ट्रपति का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा न होकर निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। निर्वाच मंडल में संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य, राज्य की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य और दिल्ली, पुडुचेरी व जम्मू-कश्मीर समेत केंद्र शासित प्रदेशों के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं।

परीक्षा के लिए ध्यान देने योग्य बात : राज्य विधान परिषदों के Elected और Nominated, दोनों सदस्य ही राष्ट्रपति के चुनाव में हिस्सा नहीं लेते हैं।

राष्ट्रपति का महाभियोग और पदमुक्ति 

राष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है। हालांकि, वह कितनी बार भी पुनर्निवार्चित हो सकता है। राष्ट्रपति को सिर्फ संविधान के उल्लंघन के आधार पर ही हटाया जा सकता है। वहीं, संविधान में उल्लंघन शब्द का उल्लेख ही नहीं मिलता है। राष्ट्रपति को हटाने के लिए संसद के किसी भी सदन में प्रस्ताव पेश किया जा सकता है। इसे पारित करने के लिए सदन के कुल सदस्यता का विशेष बहुमत यानि ⅔  की आवश्यकता होती है। यह एक प्रकार की अर्ध-न्यायिक प्रक्रिया है।

राष्ट्रपति की शक्तियां और कर्तव्य क्या हैं ?

-भारत सरकार के सभी शासन से जुड़े कार्य राष्ट्रपति के नाम पर ही किये जाते हैं।

-राष्ट्रपति ही प्रधानमंत्री, अन्य मंत्री, महान्यायवादी, यूपीएससी चेयरमैन और सदस्य, चुनाव आयुक्त और राज्यों के राज्यपाल को नियुक्त करता है। 

-राष्ट्रपति के पास अनुच्छेद 78 के तहत प्रधानमंत्री से प्रशासनिक और विधायी मामलों की जानकारी मांगने का अधिकार है।

-राष्ट्रपति द्वारा संसद के सत्र को Summon या सत्रावसान किया जा सकता है। साथ ही, वह लोक सभा को भी भंग कर सकता है।

-अनुच्छेद 108 के तहत दोनों सदनों में किसी मुद्दे पर गतिरोध होने की स्थिति में राष्ट्रपति द्वारा संयुक्त बैठक बुलाई जा सकती है।

-अनुच्छेद 111 के तहत संसद द्वारा पारित कोई भी विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी मिले बिना कानून नहीं बन सकता है। राष्ट्रपति किसी भी विधेयक को सहमति दे सकते हैं, अपने पास सुरक्षित रख सकते हैं या फिर पुनर्विचार के लिए वापस भेज सकते हैं। हालांकि, धन विधेयक को वापस नहीं भेजा सकता है।

-धन विधेयक को राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति के साथ ही लोकसभा में पेश किया जा सकता है।

-राष्ट्रपति का भारत की आक्समिकता निधि पर नियंत्रण होता है।

-राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 280 के तहत प्रत्येक 5 साल में वित्त आयोग का गठन किया जाता है।

-राष्ट्रपति भारत के सैन्य बलों का सर्वोच्च कमांडर होता है।

-भारत की सभी अंतरराष्ट्रीय संधियां या फिर समझौते भारत के राष्ट्रपति के नाम पर ही किये जाते हैं।

-अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति को किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति की सजा को क्षमा करने, बदलने या कम करने का अधिकार होता है।


Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

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