उत्तर प्रदेश को विविधताओं का प्रदेश कहा जाता है। यहां की संस्कृति, अनूठी परंपराएं और इतिहास इसे अन्य राज्यों से अलग बनाता है। इस कड़ी में यहां की जैव विविधता भी इसे विशेष राज्य बनाने में सहयोग करती है, जिनमें यहां के पक्षी विहार भी शामिल हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं यूपी का सबसे पहला पक्षी विहार नवाबगंज पक्षी विहार है, जिसे आधिकारिक तौर पर शहीद चंद्र शेखर आजाद पक्षी अभयारण्य के नाम से जाना जाता है। इसे प्रकृति प्रेमियों का घर भी कहा जाता है।
कहां है नवाबगंज पक्षी विहार
नवाबगंज पक्षी विहार यूपी के उन्नाव जिले में लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के पास है। इस पक्षी विहार की स्थापना 1984 में की गई थी, जो कि यूपी का सबसे पहला पक्षी विहार था। इसके कुल एरिया की बात करें, तो यह 2.24 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस पक्षी विहार में एक झील और विभिन्न प्रजातियों के पेड़ हैं।
पक्षी विहार को मिला है रामसर साइट का दर्जा
नवाबगंज पक्षी विहार को लेकर खास बात यह है कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रामसर साइट का दर्जा मिला हुआ है। ऐसे में इस पक्षी विहार का महत्त्व और भी बढ़ जाता है।
पक्षियों की 250 से अधिक प्रजातियों का घर
नवाबगंज पक्षी विहार 250 से अधिक पक्षियों की प्रजातियों का घर है। यहां सर्दी के मौसम में देश-विदेश से पक्षी पहुंचते हैं। यहां उत्तरी गोलार्ध, साइबेरिया, चीन, तिब्बत और यूरोप के ठंडे इलाकों से पिंटेल, कॉटन टील, रेड-क्रेस्टेड पोचार्ड और शोवेलर और गॉडविट जैसे पक्षी आते हैं।
पक्षी विहार की विशेषताएं
नवाबगंज पक्षी विहार में एक छोटा हिरण पार्क भी बना हुआ है। यहां बारहसिंघा और चित्तीदार हिरण पाए जाते हैं। इसके अलावा, यहां पक्षियों की निगरानी करने के लिए वॉट टॉवर भी बने हुए हैं। वहीं, यहां आने वाले पर्यटकों के लिए यहां एक व्याख्या केंद्र भी बनाया गया है, जहां पक्षियों के जीवन के बारे में बताया जाता है। दूसरी तरफ, लोग झील में बोटिंग का भी मजा ले सकते हैं। आपको बता दें कि पूरे उत्तर प्रदेश में कुल 14 पक्षी विहार मौजूद हैं, जिनमें लाख बहोसी सबसे बड़ा पक्षी विहार है। वहीं, सबसे छोटा पक्षी विहार पटना पक्षी विहार है।
