उत्तर प्रदेश पुलिस में भारत में सबसे अधिक पुलिसकर्मी हैं। इस कड़ी में यहां हजारों की संख्या में पुलिस थाने हैं, जिनमें तैनात पुलिसकर्मी कानून और व्यवस्था संभाल रहे हैं। इन सभी थानों में अलग-अलग मामलों में FIR दर्ज की जाती है। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश का थाना सदर वह थाना है, जहां सबसे पहले FIR दर्ज की गई थी। इस रिपोर्ट को भी आज भी पुलिस संग्रहालय में संभालकर रखा गया है।
कब दर्ज हुई थी पहली FIR
उत्तर प्रदेश को उस समय उत्तर-पश्चिम प्रांत के नाम से जाना जाता था। पहली FIR दर्ज होने की तिथि 18 अक्टूबर, 1861 है। यह रिपोर्ट सहारनपुर कोतवाली के थाना सदर में दर्ज की गई थी।
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उर्दू भाषा में लिखी गई थी FIR
उस समय उत्तर प्रदेश में उर्दू और फारसी भाषा का चलन था। ऐसे में पुलिस रिकॉर्ड्स में मुख्य रूप से ऊर्दू/ फारसी भाषा का उपयोग किया गया था। इस FIR की कॉपी को हाथों से लिखा गया था।
क्या था मामला
यूपी की पहली FIR कॉपी चोरी के एक छोटे मामले में दर्ज की गई थी। यह शिकायत आधा सेर घी, एक कुर्ता और एक मिट्टी की हांडी को लेकर राम प्रसाद नाम के व्यक्ति द्वारा की गई थी।
1861 में लागू हुआ पुलिस अधिनियम
अंग्रेजों ने 1861 में 'इंडियन पुलिस एक्ट' लागू किया था। इसके बाद ही लिखित एफआईआर दर्ज करना शुरू की गई थी। ऐसे में सहारनपुर कोतवाली में बना यह रजिस्टर भारतीय पुलिस इतिहास का सबसे पहला प्रमाण माना जाता है।
आज कहां है यह FIR
आज भी आप इस FIR को देख सकते हैं। इसकी असली कॉपी को लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश पुलिस संग्रहालय और नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय अभिलेखागार में एक ऐतिहासिक धरोहर के रूप में संभालकर रखा गया है।
यूपी में कुल कितने पुलिस थाने, जोन और रेंज
उत्तर प्रदेश में वर्तमान में कुल 75 जिले हैं, जिनमें थानों की संख्या 1526 से 1600 के बीच है। इसके अलावा, प्रदेश में 8 पुलिस जोन और 18 पुलिस रेंज हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में कुल 3 लाख 73,000 पुलिसकर्मी तैनात हैं, जबकि राज्य सरकार के मुताबिक, यूपी में करीब 4.5 लाख पुलिसकर्मी हैं।
