Asked in MPPSC & MP Vyapam: मध्य प्रदेश के प्रमुख GI Tag प्राप्त उत्पाद, देखें पूरी लिस्ट

भारत के मध्य में स्थित मध्य प्रदेश को अपनी समृद्ध संस्कृति, हस्तशिल्प और कृषि उत्पादों के लिए जाना जाता है। इस लेख में हम एमपी के प्रमुख जीआई टैग प्राप्त उत्पादों के बारे में जानेंगे।

Jun 21, 2026, 16:37 IST
एमपी के जीआई टैग प्राप्त उत्पाद
एमपी के जीआई टैग प्राप्त उत्पाद

यदि आप मध्य प्रदेश या फिर किसी अन्य राज्य की प्रतियोगी परीक्षा दे रहे हैं, तो GI Tag उत्पादों को लेकर अक्सर सवाल पूछे जाते हैं। हाल ही में एमपी की खुरासानी इमली को जीआई टैग मिला है। इस लेख में हम राज्य के प्रमुख जीआई टैग प्राप्त उत्पादों के बारे में जानेंगे।

हस्तशिल्प और वस्त्र श्रेणी 

मध्य प्रदेश में हस्तशिल्प का इतिहास वर्षों पुराना है। इस श्रेणी में सबसे अधिक जीआई टैग हैंः

चंदेरी साड़ियां 

यह एमपी का पहला उत्पाद था, जिसे सबसे पहले जीआई टैग प्राप्त हुआ था। यह साड़ी हल्के वजन, पारदर्शी बनावट और रेशम व कपास के अनूठे मिश्रण के लिए जानी जाती है।

महेश्वरी साड़ियां और कपड़े 

यह बुनाई कला अपने डिजाइन और धारियों के लिए प्रसिद्ध है।

इंदौर के चमड़े के खिलौने 

इंदौर में चमड़े से बने विभिन्न जानवरों और आकृतियों को तैयार किया जाता है।

बाघ प्रिंट 

यह धार जिले के 'बाघ' गांव में प्राकृतिक रंगों और लकड़ी के ब्लॉक से कपड़ों पर की जाने वाली पारंपरिक छपाई है।

दतिया और टीकमगढ़ के बेल मेटल वेयर 

यहां तांबे और टिन को मिलाकर घंटा धातु से बर्तन और अन्य कलाकृतियां बनाई जाती हैं।

उज्जैन का बाटिक प्रिंट 

इसमें मोम और रंगों का इस्तेमाल कर कपड़ों पर डिजाइन बनाए जाते हैं। 

गोंड पेंटिंग 

इसे एमपी की गोंड जनजातियों द्वारा बनाया जाता है, जिसमें प्रकृति, जानवर और मिथकों को बिंदु व रेखाओं के माध्यम से कैनवास पर उतारा जाता है।

ग्वालियर की हस्तनिर्मित कालीन

यह कालीन अपनी बारीक डिजाइन के लिए प्रसिद्ध है। 

जबलपुर स्टोन क्राफ्ट

यहां भेड़ाघाट के संगमरमर के पत्थरों को तराशकर मूर्तियां बनाई जाती हैं।

डिंडोरी का रॉट आयरन क्राफ्ट 

यहां लोहे को गर्म करके पीट-पीटकर अलग-अलग आकार दिये जाते हैं। 

वारासिवनी हैंडलूम साड़ियां 

यह एक रेशमी हथकरघा कला है।

कृषि उत्पाद 

एमपी की मिट्टी कई प्रसिद्ध फसलों के लिए जानी जाती हैः

झाबुआ का कड़कनाथ चिकन

यह काले रंग का मुर्गा होता है, जो कि उच्च प्रोटीन, औषधीय गुणों और कम कोलेस्ट्रॉल के लिए प्रसिद्ध है।

बालाघाट चिन्नौर चावल 

यह चावल सुगंध, नरम बनावट और बेहतरीन स्वाद के लिए जाना जाता है।

रीवा का सुंदरजा आम 

यह आम गोविंदगढ़ क्षेत्र में पाया जाता है, जो कि अनूठे स्वाद के लिए प्रसिद्ध है।

शरबती गेहूं  

इसका बना आटा अपने नाम से बिकता है, जिसे देश का 'गोल्डन ग्रेन' भी कहा जाता है।

रतलाम की रियावन लहसुन 

यहां की लहसुन तीखे स्वाद और तेज गंध के लिए जानी जानी जाती है।

बुंदेलखंड कठिया गेहूं  

यह बुंदेलखंड क्षेत्र का पारंपरिक गेहूं है।

महोबा देशावरी पान  

यह यूपी और एमपी के सीमावर्ती क्षेत्रों में उगाया जाता है। 

खाद्य सामग्री

एमपी में कई खाद्य सामग्री ऐसी हैं, जिन्हें जीआई टैग मिला हैः

रतलामी सेव

यह बेसन, लौंग और विभिन्न मसालों से तैयार किया जाता है, जिसकी अधिक डिमांड रहती है।

मुरैना की गजक 

आपने सर्दी में तिल और गुड़ के पारंपरिक मेल वाली मुरैना की गजक जरूर खाई होगी। यह अपने नाम से देशभर में बिकती है। 

Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

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