उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वदेशी गो पालन को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए संचालित मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना में आवेदन करने वाले पशुपालकों को बड़ी राहत दी है। पहले जहां आवेदन की अंतिम तिथि 21 जुलाई तय की गई थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 31 जुलाई कर दिया गया है। कई जिलों से दस्तावेज तैयार करने में अधिक समय लगने की शिकायत मिलने के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है।
अब 31 जुलाई तक कर सकेंगे आवेदन
योजना के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गयी है क्योकिं बड़ी संख्या में पशुपालक आवश्यक अभिलेख समय पर तैयार नहीं कर पाए थे। इसे देखते हुए सरकार ने आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई तक बढ़ा दी है।
ऐसे में इच्छुक पशुपालक नन्द बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य डेयरी का सफल संचालन और स्वदेशी नस्लों के संरक्षण को बढ़ावा देना है।
10 स्वदेशी गायों की डेयरी पर मिलेगा 50 प्रतिशत तक अनुदान
मिनी नन्दिनी योजना के तहत सरकार 10 गायों की क्षमता वाली डेयरी यूनिट स्थापित करने में आर्थिक सहायता देती है। डेयरी में केवल गिर, साहीवाल और थारपारकर जैसी अधिक दूध देने वाली स्वदेशी नस्लों का पालन किया जाएगा।
मिनी नन्दिनी योजना हाई लाइट्स
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कुल परियोजना लागत: 23.60 लाख रुपये
सरकारी अनुदान: 11.80 लाख (50%) रुपये
बैंक ऋण: 35%
लाभार्थी का अंश: 15%
यदि कोई लाभार्थी बैंक से ऋण नहीं लेना चाहता, तो वह अपनी हिस्सेदारी स्वयं निवेश कर सकता है।
तीन फेज में मिलेगा सब्सिडी का पैसा
सरकार योजना का अनुदान एक साथ नहीं बल्कि तीन चरणों में जारी करेगी।
25% - डेयरी भवन और आधारभूत ढांचा तैयार होने पर
12.5% – स्वदेशी गायों की खरीद के बाद
12.5% – कम से कम 10 गायों की संतति (बछड़ों) का सत्यापन होने पर
महिलाओं को भी मिलेगा बड़ा फायदा
यह योजना पूरे उत्तर प्रदेश में लागू है। इसमें 50% लाभ महिलाओं के लिए आरक्षित रखा गया है ताकि महिला पशुपालकों को भी डेयरी व्यवसाय से जोड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सके।
नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना और मिनी नन्दिनी योजना में क्या है अंतर?
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आधार
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नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना
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मिनी नन्दिनी योजना
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डेयरी क्षमता
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25 गाय
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10 गाय
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कुल लागत
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62.50 लाख रुपये
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23.60 लाख रुपये
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अधिकतम अनुदान
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31.25 लाख रुपये
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11.80 लाख रुपये
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अनुदान
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50%
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50%
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बैंक ऋण
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35%
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35%
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लाभार्थी अंश
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15%
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15%
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लागू क्षेत्र
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18 मंडल मुख्यालय
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पूरे उत्तर प्रदेश
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स्वदेशी नस्लें
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गिर, साहीवाल, थारपारकर, गंगातीरी
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गिर, साहीवाल, थारपारकर
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योजना के लिए आवेदन कहां करें?
इच्छुक पशुपालक नन्द बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल (nandbanadugdhmission.up.gov.in) पर 31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखना जरूरी है, ताकि प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न आए।
प्रतियोगी परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण सवाल
उत्तर प्रदेश में आयोजित की जाने वाली कई सरकारी एग्जाम में इस योजना से जुड़े सवाल पूछे जा सकते है जो इस प्रकार है-
1. मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना कब शुरू की गयी?
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना की शुरुआत साल 2023 में की गई थी।
2. मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना क्या है?
इस योजना के अंतर्गत 10-10 गायों की क्षमता वाली डेयरी यूनिट स्थापित करने पर कुल लागत का 50 प्रतिशत (11.80 लाख रुपये) अनुदान दिया जाता है।
3. नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना किस विभाग के तहत संचालित की जाती है?
नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना दुग्धशाला विकास विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित की जाती है।
