क्या आप जानते हैं कि भारत सरकार का राष्ट्रीय कैलेंडर कौन-सा है? इस कैलेंडर का उपयोग सरकार द्वारा सभी मंत्रालयों और विभागों में भी किया जाता है। साथ ही संसद या नागरिकों को संबोधित करने के लिए भी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री द्वारा इसका उपयोग किया जाता है। ऐसे में यह बहुत ही महत्त्वपूर्ण कैलेंडर है, जिसके बारे में हम इस लेख में जानेंगे।
भारत का राष्ट्रीय कैलैंडर कौन-सा है?
भारत का आधिकारिक राष्ट्रीय कैलेंडर शक संवत है। इसे भारत सरकार द्वारा 22 मार्च 1957 यानि 1 चैत्र 1879 शक संवत को आधिकारिक तौर पर अंग्रेजी के ग्रिगोरीअन कैलेंडर के साथ अपनाया गया था।
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क्या है इतिहास
देश के आजाद होने के बाद भारत में अलग-अलग 30 स्थानीय कैलेंडर होने की वजह से भ्रम की स्थिति बन रही थी। इसे दूर करने के लिए प्रसिद्ध खगोलशास्त्री डॉ. मेघनाद साहा की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया। समिति ने वैज्ञानिक आधार और सटीक सौर गणनाओं के कारण शक संवत को राष्ट्रीय कैलेंडर बनाने की सिफारिश की।
कैलेंडर की मुख्य विशेषताएं
शक संवत की शुरुआत 78 ईस्वी (78 CE) में मानी जाती है। इस वजह से यदि किसी भी ग्रिगोरीअन साल में से 78 घटाएंगे, तो शक वर्ष प्राप्त होगा।
पहला और अंतिम महीना
शक संवत का पहला महीना चैत्र और अंतिम महीना फाल्गुन होता है।
दिनों की संख्या
शक संवत में सामान्य वर्ष में 365 दिन और Leap Year में 366 दिन होते हैं। सामान्य वर्ष में चैत्र की 1 तारीख 22 मार्च को पड़ती है। वहीं, लीप वर्ष में चैत्र की 1 तारीख 21 मार्च को पड़ती है।
शक संवत के 12 महीनों की सूची
1.चैत्र-मार्च
2.वैशाख-अप्रैल
3.ज्येष्ठ-मई
4.आषाढ़-जून
5.श्रावण-जुलाई
6.भाद्रपद-आगस्त
7.अश्विन-सितंबर
8.कार्तिक-अक्टूबर
9.मार्गशीष अगहन-नवंबर
10.पौष-दिसंबर
11. माघ-जनवरी
12.फाल्गुन-फरवरी
शक संवत का कहां-कहां उपयोग होता है
भारत सरकार द्वारा इसे अलग-अलग जगहों पर इस्तेमाल किया जाता हैः
-भारत के राजपत्र में सरकारी अधिसूचनाओं को जारी करने के लिए
-आकाशवाणी में समाचार की शुरुआत करने के लिए
-भारत सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों में
-राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री द्वारा संसद या लोगों को संबोधित करने के लिए आधिकारिक पत्रों में
