भारत का इतिहास उठाकर देखें, तो हमें यहां किलों का गौरवशाली और समृद्ध इतिहास देखने को मिलता है। आपने चीन की सबसे लंबी दीवार The Great Wall of China के बारे में सुना या पढ़ा होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत में कुंभलगढ़ किला है, जिसके पास दुनिया की दूसरी सबसे लंबी दीवार है। इस किले का संबंध महाराणा प्रताप से है। उनका जन्म इस किले में ही हुआ था। इस किले को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल का भी दर्जा दिया गया है।
कहां है कुंभलगढ़ का किला
कुंभलगढ़ का किला राजस्थान के राजसमंद जिले में अरावली पर्वतमाला की चोटी पर बना हुआ है। यह किला चित्तौड़गढ़ के बाद मेवाड़ साम्राज्य का दूसरा सबसे बड़ा किला माना जाता है।
किसने करवाया था किले का निर्माण
कुंभलगढ़ किले का निर्माण 15वीं शताब्दी में राणा कुंभा द्वारा करवाया गया था। उन्होंने इस किले को सुरक्षा की लिहाज से बहुत ही मजबूत किले के तौर पर बनवाया था। यही वजह है कि इस किले के पास दुनिया की दूसरी सबसे लंबी दीवार है।
किल के पास ‘भारत की महान दीवार’
इस किले के चारों ओर एक सुरक्षा दीवार बनाई गई है, जिसकी कुल लंबाई 36 किलोमीटर है, जो कि चीन के बाद दूसरी सबसे लंबी दीवार है। इस दीवार की चौड़ाई की बात करें, तो 15 फीट से लेकर 21 फीट तक है। इस दीवार की चौड़ाई इतनी है कि इस पर आसानी से 8 घुड़सवार एक साथ चल सकते हैं।
किले को कहा जाता है ‘मेवाड़ की आंख’
कुंभलगढ़ का किला समुद्र तल से करीब 1100 मीटर की ऊंचाई पर है। यहां से मेवाड़ को आसानी से देखा जा सकता है। यही वजह है कि कुंभलगढ़ किले को ‘मेवाड़ की आंख’ भी कहा जाता है।
किले में हुआ था महाराणा प्रताप का जन्म
कुंभलगढ़ किला महाराणा प्रताप की जन्मस्थली भी कहा जाता है। इस किले में महाराणा प्रताप का जन्म हुआ था। इस किले को अजेय दुर्ग के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इतिहास उठाकर देखें, तो इस किले को सिर्फ एक बार ही मुगल, आमेर और मारवाड़ की संयुक्त सेना द्वारा जीता गया था। उस समय किले में पानी की कमी हो गई थी, जिससे यह किला जीत लिया गया था।
