पुलिस की वर्दी पर चमकते स्टार का क्या है इतिहास, यहां जानें

पुलिस की वर्दी पर लगे स्टार वर्दी का गौरव बढ़ाने का काम करते हैं। साथ ही, यह दर्शाते हैं कि पुलिस में फलां व्यक्ति किस पद पर तैनात है। इस लेख में हम इस बारे में विस्तार से जानेंगे।

Jun 23, 2026, 19:20 IST
भारतीय पुलिस सेवा
भारतीय पुलिस सेवा

पुलिस की वर्दी पर लगे स्टार बहुत ही महत्त्वपूर्ण होते हैं। क्योंकि, यह देश की कानून- व्यवस्था में संबंधित अधिकारी का पद और प्रतिष्ठा को दर्शाते हैं। हालांकि, वर्दी पर सितारों का होना कोई नया नहीं, बल्कि यह ब्रिटिश काल से है, जिनका सीधा संबंध भारत की प्रशासनिक और कानून व्यवस्था से है। इस लेख में हम वर्दी पर लगे स्टार और इनके इतिहास के बारे में विस्तार से जानेंगे।

कब से वर्दी पर लगने लगे थे स्टार

भारत में आधुनिक और व्यवस्थित पुलिस नौकरशाही की नींव ब्रिटिश संसद द्वारा 1861 में ‘भारतीय परिषद् अधिनियम’ के लागू होने के बाद पड़ी। अंग्रेजों ने पुलिस का ढांचा कई हद तक ब्रिटिश सेना के आधार पर ही तैयार किया था।

दरअसल, ब्रिटिश सेना में अधिकारी की रैंक दिखाने के लिए स्टार और क्राउन का उपयोग होता था। इस व्यवस्था को भारतीय पुलिस में भी लागू किया गया, जिसके तहत शुरुआत में चार कोने वाले स्टार को शामिल किया गया। हालांकि, बाद में इनके कोनों को बढ़ाते हुए पांच कर दिया गया।

आजादी के बाद वर्दी पर आया अशोक स्तंभ और स्टार

देश आजाद हुआ और 1950 में गणतंत्र भी बन गया। ऐसे में पुलिस की वर्दी पर ब्रिटिश प्रतीकों की जगह राष्ट्रीय प्रतीकों को शामिल किया गया। इस कड़ी में ब्रिटिश क्राउन की जगह अशोक स्तंभ लाया गया। वहीं, पदानुक्रम दिखाने के लिए स्टार को रहने दिया गया।

IP से बदलकर किया IPS 

अंग्रेजों के समय पुलिस को इंपिरियल पुलिस कहा जाता था। ऐसे में पुलिस अधिकारियों की वर्दी पर IP लिखा होता था। हालांकि, देश आजाद होने के बाद इसे बदलकर IPS कर दिया गया, जिसका मतलब Indian Police Service होता है। वहीं, राज्य पुलिस के लिए राज्य के नाम का शॉर्टकोड बनाया गया, जैसेः हरियाणा पुलिस के लिए HP, दिल्ली पुलिस के लिए DP, बिहार पुलिस के लिए BP और छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए CGP आदि।  

किस रैंक के लिए कितने स्टार होते हैं? 

अब हम पुलिस की वर्दी पर स्टार के गणित के बारे में समझ लेते हैं। वर्दी पर जो कंधे के ऊपर पट्टी लगी होती है, उसे 'एपोलेट्स' कहा जाता है। इस पर लगे स्टार से अधिकारी के पद की पहचान होती है।

1 स्टार - यह पद असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर का होता है।

2 स्टार- यह पद सब-इंस्पेक्टर का होता है। इसे हम दरोगा कहते हैं, जो कि शहरी क्षेत्रों में चौकी इंचार्ज भी होते हैं।

3 स्टार- यह पद इंस्पेक्टर का होता है। यह एक राजपत्रित अधिकारी होता है। UPSC या PCS परीक्षाओं के माध्यम से DSP या ASP जैसे पद मिलते हैं, जिन पर भी तीन स्टार होते हैं।

-अशोक स्तंभ के साथ लगे स्टार- जब अधिकारी पुलिस अधीक्षक बनता है, तो स्टार के ऊपर एक अशोक स्तंभ भी जुड़ जाता है। अधिकारी की रैंक बढ़ने पर स्टार की संख्या की बढ़ जाती है और यह अशोक स्तंभ के साथ अधिकतम 3 स्टार तक पहुंच जाती है। इसके साथ में क्रॉस तलवार और डंडा होता है। हालांकि, यह पद DIG तक का होता है।

Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

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