UP Principal Salary 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने वर्ष 2026 में सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य (Principal) के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। इस भर्ती के अंतर्गत चयनित उम्मीदवारों को 7वें वेतन आयोग के अनुसार पे मैट्रिक्स लेवल-12 में ₹78,800 से ₹2,09,200 प्रतिमाह का वेतनमान मिलेगा। इसके अतिरिक्त नियमानुसार महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और अन्य सुविधाएं दी जाती हैं।
UP Principal Salary 2026: हाइलाइट्स
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा यूपी प्रिंसिपल की सैलरी पे लेवल 12 के अंतर्गत दी जाती है। जिसमें उम्मीदवारों की शुरुआती सैलरी (लेवल 12) 78,800 रुपये से शुरू होती है। अनुभव के अनुसार 2,09, 200 रुपये तक होती है।
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विवरण
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जानकारी
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भर्ती आयोग
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उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC)
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पद का नाम
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प्रधानाचार्य (Principal)
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विज्ञापन संख्या
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08/2026
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विद्यालय का प्रकार
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सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालय
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पे मैट्रिक्स लेवल
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लेवल-12
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शुरुआती मूल वेतन
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₹78,800 प्रतिमाह
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अधिकतम मूल वेतन
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₹2,09,200 प्रतिमाह
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वेतन आयोग
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7वां वेतन आयोग
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यूपी प्रिंसिपल की इन-हैंड सैलरी कितनी होगी?
UPESSC प्रधानाचार्य पद पर चयनित उम्मीदवारों का शुरुआती मूल वेतन ₹78,800 प्रतिमाह निर्धारित पे मैट्रिक्स के अनुसार होगा। इसमें महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और अन्य भत्ते शामिल हैं। वहीं, भविष्य निधि (PF), आयकर तथा अन्य लागू कटौतियों से इन हैंड सैलरी अलग होती है।
प्रधानाचार्य पद पर नियुक्त कर्मचारियों को लागू सरकारी नियमों और संबंधित सेवा शर्तों के अनुसार निम्नलिखित भत्ते मिल सकते हैं:
1. महंगाई भत्ता (DA): महंगाई के प्रभाव को कम करने के लिए नियमानुसार देय भत्ता।
2. मकान किराया भत्ता (HRA): पात्रता और लागू नियमों के अनुसार आवास संबंधी भत्ता।
3. चिकित्सा सुविधाएं: संबंधित नियमों के अंतर्गत उपलब्ध चिकित्सा लाभ।
4. सेवानिवृत्ति संबंधी लाभ: लागू सेवा नियमों के अनुसार भविष्य निधि और अन्य पात्र लाभ।
5. वेतन वृद्धि: निर्धारित नियमों और पात्रता के अनुसार वेतन में वृद्धि।
इन सुविधाओं की उपलब्धता और राशि संबंधित सेवा नियमों पर निर्भर करेगी।
यूपी प्रिंसिपल का पे स्केल और करियर ग्रोथ
पे मैट्रिक्स लेवल-12 में ₹78,800 शुरुआती मूल वेतन है, जबकि ₹2,09,200 इस वेतनमान की अधिकतम सीमा है। इसका अर्थ यह नहीं है कि नियुक्ति के समय ही अधिकतम वेतन मिलेगा। वेतन वृद्धि निर्धारित नियमों के अनुसार होती है।
