केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को दिवाली से पहले बड़ी राहत दी है। बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3% की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई। इस फैसले से 1.17 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को फायदा मिलेगा। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बढ़ी हुई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी।
48.54 लाख कर्मचारी को मिलेगा लाभ
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने त्योहारों के मौसम को देखते हुए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।
इस फैसले से करीब 48.54 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और 68.71 लाख पेंशनर्स को लाभ होगा। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी से कर्मचारियों की सैलरी में इजाफा होगा, जबकि महंगाई राहत बढ़ने से पेंशनर्स को उनकी पेंशन पर अतिरिक्त राशि मिलेगी।
Related Stories
अब कितना हो जाएगा महंगाई भत्ता?
केंद्र सरकार ने इससे पहले अप्रैल 2026 में DA और DR में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी। इसके बाद महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की दर मूल वेतन और मूल पेंशन की 60 प्रतिशत हो गई थी।
अब 3% की ताजा बढ़ोतरी के बाद DA और DR की दर बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगी। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से लागू होगी।
साल में दो बार बदलता है DA और DR
केंद्र सरकार महंगाई के असर को कम करने के लिए साल में दो बार महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की समीक्षा करती है। आमतौर पर ये बदलाव जनवरी और जुलाई से प्रभावी होते हैं।
दिवाली से पहले मिला तोहफा
महंगाई भत्ता (DA) केंद्र सरकार के कार्यरत कर्मचारियों को दिया जाता है। इसकी गणना मूल वेतन के प्रतिशत के आधार पर होती है। वहीं, महंगाई राहत (DR) पेंशनर्स को दी जाती है, जिससे बढ़ती महंगाई के कारण उनके खर्चों पर पड़ने वाले असर को कम किया जा सके। दिवाली से पहले हुई इस घोषणा से लाखों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
इन योजनाओं के लिए भी आवंटित हुआ पैसा
कैबिनेट के अन्य फैसलों के साथ-साथ, सरकार ने पीएम विकसित ग्राम स्वराज योजना के लिए 7,395 करोड़ रुपये आवंटित करने को भी मंजूरी दी। कैबिनेट के फैसलों की लिस्ट में 10,000 करोड़ रुपये की कंटेनर निर्माण प्रोत्साहन योजना और 1,856 करोड़ रुपये की 'खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स एंड मैन्युफैक्चरिंग योजना' भी शामिल थीं।
