भारत के उत्तर में जब भी प्रमुख राज्यों की बात होती है, तो इसमें उत्तराखंड का नाम भी प्रमुखता से लिया जाता है। भारत का यह राज्य अपनी विविध संस्कृति और अनूठी परंपराओं के लिए जाना जाता है। राज्य में अलग-अलग जिले हैं, जिनकी अपनी-अपनी विशेषताएं हैं। इस कड़ी में यहां एक जिला ऐसा भी है, जिसमें सबसे अधिक तहसीलें मौजूद हैं। कौन-सा है यह जिला, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
उत्तराखंड में कुल जिले और तहसील
उत्तराखंड राज्य का गठन नवंबर, 2000 में उत्तर प्रदेश से अलग कर किया गया था। पहले इसे उत्तरांचल कहा जाता था, लेकिन 2006 में इसका नाम बदलकर उत्तराखंड कर दिया गया। राज्य में कुल 13 जिले हैं, जिनमें कुल 113 तहसील आती हैं। इन्हें प्रशासनिक स्तर पर दो अलग-अलग मंडलों में बांटा गया है, जिनमें गढ़वाल और कुमाऊं शामिल है।
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सबसे अधिक तहसीलों वाला जिला
उत्तराखंड का सबसे अधिक तहसील वाले जिले की बात करें, तो उत्तराखंड शासन के राजस्व विभाग और पिथौरागढ़ के आधिकारिक जिला पोर्टल pithoragarh.gov.in के अनुसार पिथौरागढ़ जिले में कुल 13 प्रशासनिक तहसीलें हैं, जो कि इस प्रकार हैंः
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पिथौरागढ़ (सदर)
धारचूला
मुनस्यारी
डीडीहाट
गंगोलीहाट
बेरीनाग
कनालीछीना
बंगपानी
देवलथल
थल
तेजम
गणाई गंगोली
पांखू
पिथौरागढ़ को कहते हैं ‘छोटा कश्मीर’
आपको बता दें कि पिथौरागढ़ अपने यहां के सुंदर नजारों के लिए जाना जाता है। यह अपनी बड़ी सोर घाटी और बर्फ से ढकी चोटियों के लिए मशहूर है, जिस वजह से इसे 'छोटा कश्मीर' भी कहा जाता है।
भारत का है अंतरराष्ट्रीय सीमा वाला जिला
पिथौरागढ़ भारत का एक अंतरराष्ट्रीय सीमा वाले जिला है। इसकी सीमाएं उत्तर में चीन और पूर्व में नेपाल से लगती हैं। पूर्व में काली नदी इसे नेपाल से अलग करती है।
पिथौरागढ़ में मौजूद प्रमुख दर्रा
भारत का प्रसिद्ध लिपुलेख दर्रा इसी जिले में स्थित है, जो पुराने समय से तिब्बत व्यापार और तीर्थयात्रा का मुख्य मार्ग रहा है।
जिले में रहा है चंद राजवंश का शासन
पिथौरागढ़ में 14वीं शताब्दी में चंद राजाओं ने इस क्षेत्र पर अधिकार कर लिया था। पिथौरागढ़ शहर के पास स्थित ऐतिहासिक बाणासुर का किला और पिथौरागढ़ किला चंद और गोरखा शासन काल के प्रतीक रहे हैं। आपको बता दें कि धारचूला और मुनस्यारी क्षेत्र भोटिया समुदाय का घर हैं, जो कि अपनी हस्तशिल्प और पार पारंपरिक तिब्बती-भारतीय व्यापारिक संस्कृति के लिए जाने जाते हैं।
