करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति के लिए व्रत रख उनकी लंबी उम्र के लिए कामना करती हैं। इस बार करवा चौथ को लेकर महिलाओं में भ्रम है कि करवाचौथ 28 अक्टूबर का है या फिर 29 अक्टूबर। क्या है करवा चौथ की सही तारीख और समय, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
कब है करवा चौथ
करवा चौथ का त्योहार कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। ऐसे में साल 2026 में यह करवा चौथ का व्रत 28 अक्टूबर को नहीं, बल्कि 29 अक्टूबर को बृहस्पतिवार के दिन है। ऐसे में पर्व को लेकर किसी भी प्रकार भ्रम नहीं रखें कि यह पर्व कब का होगा।
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अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय का समय होगा अलग
करवा चौथ के मौके पर भारत के अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय का समय अलग हो सकता है। क्योंकि, यह शहर के मौसम पर निर्भर करता है। मौसम खराब होने पर चांद देरी से दिख सकता है। हालांकि, यदि एक निश्चित समय की बात करें, तो यह 8 बजकर 17 मिनट के आसपास हो सकता है।
उत्तर भारत का प्रमुख त्योहार है करवा चौथ
करवा चौथ का त्योहार उत्तर भारत के प्रमुख त्योहारों में गिना जाता है। यह मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि पारंपरिक रूप से इसकी शुरुआत पंजाब से हुई थी। हालांकि, अब यह पूरे उत्तर भारत में मनाया जाता है।
किन-किन नामों से जाना जाता है करवा चौथ
करवा चौथ को अलग-अलग नामों से जाना जाता है, जो कि इस प्रकार हैः
-करक चतुर्थीः संस्कृत ग्रंथों में करवा चौथ को करक चतुर्थी कहा गया है। यहां करक का मतलब मिट्टी का छोटा करवा होता है और चतुर्थी का मतलब चौथा दिन।
-अटल तद्दिः आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में इस व्रत को अटल तद्दि के नाम से जाना जाता है। यहां भी महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं।
-नोमुल या व्रतः तेलुगु भाषी में इस पर्व को नोमुलु या व्रत के रूप में भी जाना जाता है।
करड़ाईयान नोंबुः इस पर्व को तमिलनाडू में करड़ाईयान नोंबु कहा जाता है।
