Monsoon Session 2026: मानसून सत्र में पेश होने वाले सरकार के 8 बिल कौन-से हैं, देखें लिस्ट

मानसून सत्र की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन विपक्ष के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही को बार-बार स्थगित किया जा रहा है। इस बीच सरकार की ओर से इस बार 8 बिल पेश करने की तैयारी है, जो कि अलग-अलग मुद्दों पर हैं।

Jul 21, 2026, 14:31 IST
संसद
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संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई, 2026 से शुरू हो गया है। केंद्र सरकार इस बार संसद के मानसून सत्र में 8 बिल लेकर पहुंची है। सरकार द्वारा इन 8 बिलों को संसद के निचले सदन यानि कि लोकसभा में पेश किया जाना है, जिन पर चर्चा होगी। हालांकि, विपक्ष के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित हो रही है। इस लेख में हम सरकार द्वारा पेश किये जाने वाले कुल 8 बिलों के बारे में जानेंगे।

संसद में पेश किये जाने वाले सरकार के 8 बिल 

संसद में सरकार अलग-अलग 8 बिल को पेश करेगी, जो कि इस प्रकार हैंः

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विदेशी योगदान(विनियमन) संशोधन विधेयक 2026(FCRA)

यह विदेश फंड से जुड़ा है, जिसमें विदेशी फंड लेने और इस्तेमाल करने पर जवाबदेही का प्रस्ताव है। लोकसभा में इस पर चर्चा के लिए 4 घंटे का समय भी तय किया गया है। हालांकि, विपक्ष का आरोप है कि इस बिल से ईसाई संगठनों और एनजीओ पर अलग-अलग रूप से असर पड़ेगा।

आयकर(संशोधन) विधेयक 2026 

यह बिल बीते माह जारी किए गए अध्यादेश को बदलने के लिए है, जिसमें विदेशी निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश पर ब्याज और पूंजीगत लाभ से आयकर में छूट का प्रावधान है। इस पर सदन में चर्चा के लिए 3 घंटे का समय तय किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट(न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक 2026

इस बिल में सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव है, जिसमें मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर जजों की संख्या 37 करने का प्रस्ताव दिया गया है। इस बिल पर चर्चा करने के लिए 4 घंटे का समय दिया गया है।

जन्म और मृत्यु पंजीकरण(संशोधन) विधेयक 2026

यह बिल भारत में जन्म और मृत्यु के देरी से पंजीकरण के नियमों को लेकर है, जिनमें सख्त प्रावधान किये गए हैं।

राष्ट्रीय सम्मान का अपमान(संसोधन) विधेयक 2026

इस बिल को गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राज्यसभा में पेश किया जाएगा। इस बिल में वंदे मातरम का अपमान करने पर 3 साल की सजा, जुर्माना या फिर दोनों हो सकते हैं।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास(संशोधन) विधेयक 2026

यह व्यापार के नियमों को आसान बनाने के साथ-साथ मध्यस्थता को लागू करेगा और देरी से भुगतान के नियमों को सख्त करने को लेकर है।

विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025

यह बिल पिछले सत्र से लंबित है, जिसे इस बार पेश किया जाएगा।

परिसीमन बिल और महिला आरक्षण(131वां संविधान संशोधन विधेयक) 

इस बिल को बाद में जोड़ा गया है, क्योंकि यह शुरुआती एजेंडा में शामिल नहीं था। हालांकि, केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले द्वारा दावा किया गया है कि यह इस बार पास हो जाएगा। आपको बता दें कि बजट सत्र में यह बिल 54 वोटों से गिर गया था।

Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

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