चक्रवात क्या हैं और ये कैसे बनते हैं, जानें सब कुछ

Last Updated: Oct 24, 2026, 12:37 IST

इन दिनों बंगाल की खाड़ी में चक्रवात बन रहा है, जिसके भारतीय तटीय राज्यों से टकराने की संभावना है। ऐसे में मौसम विभाग ने भी अलर्ट जारी किया है। इस लेख में हम जानेंगे कि आखिर चक्रवात क्या होते हैं और ये कैसे बनते हैं।

चक्रवात
चक्रवात

इन दिनों बंगाल की खाड़ी में चक्रवात बन रहा है, जिसके भारतीय तटीय राज्यों से टकराने की संभावना है। ऐसे में मौसम विभाग ने भी अलर्ट जारी किया है। हालांकि, यहां सवाल है कि आखिर चक्रवात क्या होता है और ये कैसे बनते हैं? क्या आप इसकी पूरी प्रक्रिया के बारे में जानते हैं, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।  

क्या होते हैं चक्रवात(Cyclone)

चक्रवात मौसम विज्ञान की एक बड़ी और प्राकृतिक घटना है। सरल शब्दों में कहें, तो चक्रवात तेजी से घूमने वाली हवाओं का एक बड़ा बवंडर होता है, जिसके केंद्र में वायुमंडलीय दबाव बहुत कम होता है और बाहर की तरफ दबाव अधिक होता है। 

चक्रवात कैसे बनते हैं?

चक्रवातों के बनने की प्रक्रिया मुख्य रूप से समुद्र के गर्म पानी से जुड़ी है:

गर्म समुद्र (Low Pressure): जब समुद्र की सतह का तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस या इससे अधिक हो जाता है, तो वहां की हवा गर्म होकर तेजी से ऊपर उठने लगती है। हवा के ऊपर उठने से नीचे 'कम दबाव का क्षेत्र' बन जाता है।

हवाओं का खिंचाव: इस खाली जगह को भरने के लिए आसपास के हाई प्रेशर वाले क्षेत्रों से ठंडी हवाएं तेजी से उस ओर जाती हैं।

पृथ्वी का घूमना (कोरिओलिस बल): पृथ्वी के अपनी धुरी पर घूमने के कारण एक विशेष फोर्स पैदा होती है, जिसे 'कोरिओलिस बल' (Coriolis Force) कहते हैं। यह बल इन हवाओं को सीधे अंदर नहीं जाने देता, बल्कि उन्हें गोल-गोल घुमा देता है, जिससे एक बड़ा चक्रवात का बनता है।

चक्रवात की दिशा

कोरिओलिस बल के कारण ही चक्रवात की घूमने की दिशा दोनों गोलार्धों में अलग-अलग होती है। यह फैक्ट परीक्षाओं में बहुत बार पूछा जाता है:

उत्तरी गोलार्ध (Northern Hemisphere): घड़ी की सुई की उल्टी दिशा में (Anti-clockwise)। भारत में आने वाले सभी चक्रवात इसी दिशा में घूमते हैं।

दक्षिणी गोलार्ध (Southern Hemisphere): घड़ी की सुई की दिशा में (Clockwise)।

चक्रवात की संरचना क्या होती है 

चक्रवात की आंख (Eye): यह चक्रवात के बिल्कुल बीच का हिस्सा होता है, जो कि लगभग 20-50 किमी चौड़ा होता है। यह सबसे कम दबाव वाला क्षेत्र होता है, जहां हवाएं बिल्कुल शांत होती हैं और आसमान साफ रहता है।

आंख की दीवार (Eyewall): 'आंख' के ठीक बाहर का घेरा। यह चक्रवात का सबसे खतरनाक हिस्सा होता है। यहां हवा की गति सबसे तेज होती है और मूसलाधार बारिश होती है।

दुनिया में चक्रवातों के अलग-अलग नाम

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि भौगोलिक स्थिति के अनुसार इन्हें अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है:

हिंद महासागर में भारत, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी: चक्रवात

अटलांटिक महासागर और पूर्वी प्रशांत  जैसे अमेरिका और कैरेबियन: हरिकेन

उत्तर-पश्चिमी प्रशांत जैसे जापान, चीन और फिलीपींस: टाइफून

ऑस्ट्रेलिया: विली-विली

आपको बता दें कि जब कोई उष्णकटिबंधीय चक्रवात जमीन से टकराता है, तो उसे समुद्र से नमी मिलनी बंद हो जाती है और वह धीरे-धीरे कमजोर होकर खत्म हो जाता है। इस प्रक्रिया को 'लैंडफॉल' (Landfall) कहा जाता है।

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Oct 24, 2026, 12:37 IST

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