दुनिया में यदि कुल देशों की बात करें, तो इनकी संख्या 195 हैं, जो कि संयुक्त राष्ट्र के सदस्य हैं। इन सभी देशों को उनकी विशेषता और विविधताओं की वजह से मूल नाम के अलावा उपनाम से भी जाना जाता है। इस कड़ी में क्या आप जानते हैं कि दुनिया के किस देश को ‘हिंद महासागर का मोती’ भी कहा जाता है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
किस देश को कहा जाता है ‘हिंद महासागर का मोती’
अब हम सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि किस देश को ‘हिंद महासागर का मोती’ कहा जाता है ? आपको बता दें कि श्रीलंका देश को ‘हिंद महासागर का मोती’ या ‘पूर्व का मोती’ भी कहा जाता है। इसके पीछे श्रीलंका का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक कारण है, जिन्हें हम नीचे विस्तार से जानेंगे।
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मोती की तरह दिखता है श्रीलंका
यदि आप श्रीलंका के नक्शे को ध्यान से देखेंगे, तो पाएंगे कि श्रीलंका का भौगोलिक आकार एक पानी की बूंद या फिर मोती की तरह दिखता है। इसके चारों ओर हिंद महासागर है, जिस वजह से यह समुद्र में चमकते हुए मोती की तरह दिखता है।
मोतियों के देश के रूप में है पहचान
श्रीलंका में ऐसी कई खदानें हैं, जहां बेशकिमती रत्न पाए जाते हैं। आपको बता दें कि दुनिया के सबसे बेहतरीन और कीमती नीलम, मणिक और पुखराज भी यहां पाए जाते हैं। वहीं, ब्रिटेन के शाही परिवार की अंगूठी में लगा ‘ब्लू सैफायर’ भी श्रीलंका से ही प्राप्त हुआ था। इसके अलावा, श्रीलंका मसालों के लिए भी जाना जाता है। यहां दालचीनी से लेकर हाथी दांत और कई रत्न पाए जाते हैं, जिस वजह से इसे पूर्व का सबसे महत्त्वपूर्ण स्थान माना जाता है।
सुंदरता के लिए जाना जाता है श्रीलंका
श्रीलंका देश अपने सुंदरता के लिए भी जाना जाता है। यहां के तट प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसके अलावा यहां के घने जंगल और जैव विविधता आकृषण का केंद्र है। वहीं, श्रीलंका के चाय के बगान भी काफी प्रसिद्ध हैं, जो कि नुवारा एलिया पहाड़ियों पर फैले हुए हैं। इस देश का इतिहास 3000 साल पुराना है, जिससे बौद्ध धर्म की जडे़ भी जुड़ी हुई हैं।
