भारत को विविधताओं का देश कहा जाता है। यहां प्रत्यके राज्य, जिला और शहर की अपनी विशेषता है। इस कड़ी में क्या आप जानते हैं कि भारत में एक शहर ऐसा भी है, जिसे ‘दक्कन की रानी’ भी कहा जाता है। यह शहर अपने सुहाने मौसम, ऐतिहासिक महत्त्व और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए भी जाना जाता है। कौन-सा है यह शहर, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
किस शहर को कहते हैं ‘दक्कन की रानी’
अब हम यह जान लेते हैं कि किस शहर को ‘दक्कन की रानी’ कहते हैं। महाराष्ट्र के पुणे शहर को इसकी विशेष भौगोलिक स्थिति, साल भर रहने वाले सुहाने मौसम, ऐतिहासिक महत्त्व और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के कारण दक्कन की रानी कहा जाता है। महाराष्ट्र का यह दूसरा सबसे बड़ा शहर दक्कन के पठार पर स्थित है और सदियों से इस पूरे भौगोलिक क्षेत्र का सबसे प्रमुख और जीवंत केंद्र रहा है।
क्या है पुणे की भौगोलिक स्थिति
पुणे समुद्र तल से लगभग 560 मीटर की ऊंचाई पर सह्याद्रि पर्वतमाला के ठीक पूर्वी किनारे पर बसा है। इस ऊंचाई और पठारी इलाके में होने के कारण यहां का मौसम साल भर बेहद खुशनुमा रहता है। पास ही मौजूद खंडाला और लोनावाला जैसी खूबसूरत पहाड़ियां, मुठा और मुला नदियों का संगम और शहर की प्राकृतिक हरियाली इसे एक बेहद खूबसूरत जगह बनाती हैं। मुंबई की भारी उमस और गर्मी से अलग पुणे की ठंडी जलवायु इसे इस पठारी क्षेत्र का सबसे आकर्षक शहर बनाती है।
पुणे है मराठा साम्राज्य का ऐतिहासिक गौरव
इतिहास में दक्कन के क्षेत्र पर राज करने का मतलब था पूरे दक्षिण-मध्य भारत पर राजनीतिक नियंत्रण करना। पुणे छत्रपति शिवाजी महाराज के बचपन का गवाह रहा है और बाद में यह पेशवाओं के अधीन मराठा साम्राज्य की राजधानी बना। शनिवार वाड़ा, लाल महल, विश्रामबाग वाड़ा और सिंहगढ़ जैसे किले आज भी पुणे के गौरवशाली अतीत को दर्शाते हैं। दक्कन के पठार पर मराठा शक्ति का सबसे ऊंचा केंद्र होने के कारण इसे स्वाभाविक रूप से इस क्षेत्र की 'रानी' का दर्जा प्राप्त हुआ।
डेक्कन क्वीन ट्रेन है मशहूर
प्रसिद्ध डेक्कन क्वीन ट्रेन नाम को लोकप्रिय बनाने में भारतीय रेलवे का भी बड़ा हाथ है। 1930 में मुंबई और पुणे के बीच डेक्कन क्वीन नाम की एक विशेष ट्रेन शुरू की गई थी। इस ऐतिहासिक ट्रेन ने भी पुणे के इस उपनाम को प्रसिद्ध किया था।
