First Female Trustee of Ram Mandir Trust: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का विस्तार करते हुए तीन नए सदस्यों को जिम्मेदारी दी गई है। इनमें निर्मला यादव, मदन मोहन पांडे और महेश भागचंदका शामिल हैं। इस बदलाव में सबसे ज्यादा चर्चा निर्मला यादव की हो रही है, क्योंकि वह राम मंदिर ट्रस्ट की पहली महिला ट्रस्टी बनी हैं।
इससे पहले एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है।
कौन हैं निर्मला यादव?
First Female Trustee of Ram Mandir Trust: निर्मला यादव का संबंध उत्तर प्रदेश के शिकोहाबाद (फ़िरोज़ाबाद जिला) से है। वह विश्व हिंदू परिषद (VHP) के निधि समर्पण अभियान से भी जुड़ी रही हैं। राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर में चलाए गए इस अभियान के दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
अब 2 सितंबर 2026 को हुई ट्रस्ट की बैठक में उन्हें नए ट्रस्टियों में शामिल किया गया। इसके साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट के इतिहास में पहली बार किसी महिला को ट्रस्टी के तौर पर जगह मिली है।
निर्मला यादव की नियुक्ति इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि राम मंदिर निर्माण के दौरान देशभर से लोगों को जोड़ने और निधि अभियान चलाने में VHP की बड़ी भूमिका रही है। ऐसे में इस क्षेत्र का उनका अनुभव ट्रस्ट के लिए उपयोगी हो सकता है।
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महेश भागचंदका का अशोक सिंघल से रिश्ता
ट्रस्ट में शामिल किए गए दूसरे नए सदस्य महेश भागचंदका हैं। उनका संबंध राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में रहे दिवंगत अशोक सिंघल से है। भागचंदका फिलहाल अशोक सिंघल फाउंडेशन से जुड़े हुए हैं।
वरिष्ठ वकील मदन मोहन पांडे को भी जिम्मेदारी
तीसरे नए सदस्य मदन मोहन पांडे अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। वह राम जन्मभूमि से जुड़े कानूनी मामलों में लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं।
राम मंदिर से जुड़े कानूनी विवाद और अदालती प्रक्रिया की उन्हें गहरी जानकारी रही है। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार बनने के बाद उन्हें इलाहाबाद हाई कोर्ट में अपर महाधिवक्ता की जिम्मेदारी भी दी गई थी।
5 हजार से ज्यादा आवेदकों में से चुने गए CEO
ट्रस्ट में बदलाव सिर्फ नए सदस्यों तक सीमित नहीं है। मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) चुने जाने की भी जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि उनका चयन 5,000 से ज्यादा आवेदकों में से किया गया।
क्या होगी नए CEO की जिम्मेदारी
अब CEO के तौर पर उनके सामने राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। खासतौर पर मंदिर को मिलने वाले दान, वित्तीय प्रबंधन और जवाबदेही को लेकर पारदर्शी व्यवस्था बनाना उनके प्रमुख कामों में शामिल हो सकता है।
जितेंद्र मिश्रा दिसंबर 1986 में भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के तौर पर शामिल हुए थे। करीब 38 साल से ज्यादा समय तक सेवा देने के बाद वह मई 2026 में रिटायर हुए। अपने करियर में उन्होंने वायुसेना में कई अहम कमांड पदों पर जिम्मेदारी संभाली।
एक नई शुरुआत
राम मंदिर ट्रस्ट में पहली महिला ट्रस्टी की एंट्री और नए CEO की नियुक्ति को मंदिर की व्यवस्थाओं को ज्यादा मजबूत और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
