गांधी जी को ‘महात्मा’, ‘बापू’ और ‘राष्ट्रपिता’ की उपाधि किसने और क्यों दी, जानें यहां

Last Updated: Oct 2, 2026, 10:47 IST

हर साल 2 अक्टूबर को देशभर में गांधी जयंती मनाई जाती है। यह दिन राष्ट्रपिता को समर्पित है, जिन्हें महात्मा गांधी और ‘बापू’ के नाम से जाना जाता है। इस लेख में हम जानेंगे कि आखिर गांधी जी को ये उपाधियां किसने और क्यों दी थी। 

गांधी जी
गांधी जी

हर साल 2 अक्टूबर को देशभर में गांधी जयंती मनाई जाती है। यह दिन हमें स्वच्छता के साथ-साथ अंहिसा और सच की राह पर चलने के लिए प्रेरणा देता है। गांधी जी के नाम से पहले हम ‘महात्मा’ लिखते हैं। इसके अलावा गांधी जी को ‘बापू’ और ‘राष्ट्रपिता’ भी कहा जाता है। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि महात्मा गांधी को यह दोनों उपाधियां किसने और क्यों दी थी, जानने के लिए यह पूरा लेख पढ़ें। 

किसने दी थी महात्मा की उपाधि 

महात्मा गांधी को 'महात्मा' की उपाधि रवींद्रनाथ टैगोर ने दी थी। 1915 में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने के बाद जब गांधी जी शांतिनिकेतन आए और बाद में 1917 में बिहार के चंपारण सत्याग्रह के दौरान नील किसानों के अधिकारों के लिए सफल आंदोलन किया, तब उनकी महान सोच और नेतृत्व क्षमता से प्रभावित होकर रवींद्रनाथ टैगोर ने उन्हें 'महात्मा' यानि कि महान आत्मा की उपाधि दी थी। इसके बदले में गांधी जी ने रवींद्रनाथ टैगोर को 'गुरुदेव' कहकर सम्मानित किया था।

किसने दी 'बापू' और 'राष्ट्रपिता' की उपाधि 

गांधी जी को मिली 'बापू' की उपाधि मुख्य रूप से सुभाष चंद्र बोस और बिहार के किसान राजकुमार शुक्ल व चंपारण आंदोलन के दौरान स्थानीय लोगों के संबोधन से जुड़ी है। साल 1917 के चंपारण आंदोलन के दौरान बिहार के स्थानीय किसानों और राजकुमार शुक्ल व उनके सहयोगियों ने महात्मा गांधी को बहुत आदर व प्यार से 'बापू' कहकर पुकारना शुरू किया था।

वहीं, 'बापू' और 'राष्ट्रपिता' की उपाधि को वैश्विक और राष्ट्रीय पहचान नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने दी। 6 जुलाई 1944 को रंगून स्थित आजाद हिंद रेडियो से देशवासियों के नाम एक ऐतिहासिक प्रसारण में नेताजी ने महात्मा गांधी को संबोधित करते हुए पहली बार ‘राष्ट्रपिता’ और ‘बापू’ कहकर पुकारकर भारत की आजादी के आखिरी युद्ध के लिए उनका आशीर्वाद मांगा था। इसके बाद उन्हें दुनियाभर में राष्ट्रपिता और बापू के नाम से जाना गया। 

अर्धनग्न फकीर की उपाधि 

साल 1931 में दूसरी राउंड टेबल कांफ्रेंस के दौरान विंस्टन चर्चिल ने गांधी जी के सादे पहनावे के कारण उन्हें अर्धनग्न फकीर कहते हुए तंज कसा था। 

वन मैन बाउंड्री फोर्स 

आपको बता दें कि भारत के गवर्नर जनरल रहे लॉर्ड माउंटबैटन ने भारत की आजादी के समय गांधी द्वारा कोलकाता में भड़के दंगों को शांत करने के लिए उनकी नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें ‘वन मैन बाउंड्री फोर्स’ कहा था। 

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Oct 2, 2026, 10:47 IST

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