दिवाली का त्योहार भी अब करीब है और इसी बीच केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस को लेकर एक ऐसी मांग सामने आई है, जिस पर लाखों कर्मचारियों की नजर टिक गई है। 8वें वेतन आयोग को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि बोनस की गणना का पुराना फॉर्मूला बदला जाए। उनका कहना है कि आज जब कर्मचारियों की सैलरी पहले के मुकाबले काफी बढ़ चुकी है, तो बोनस तय करने के लिए अभी भी 7000 रुपये की पुरानी सीमा को आधार बनाना सही नहीं है।
यदि सरकार इस सीमा को हटाकर मौजूदा न्यूनतम बेसिक पे के आधार पर बोनस तय करती है, तो कर्मचारियों को मिलने वाली रकम में बड़ा इजाफा हो सकता है।
आखिर 7000 रुपये की सीमा का मामला क्या है?
केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस की गणना में लंबे समय से 7000 रुपये की अधिकतम सीमा का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका मतलब यह है कि किसी पात्र कर्मचारी की वास्तविक बेसिक सैलरी भले ही 18000 रुपये हो, लेकिन बोनस की गणना करते समय 7000 रुपये को ही आधार माना जाता है।
यही वजह है कि कर्मचारी संगठन अब इस व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि बोनस की गणना कर्मचारी की मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी के हिसाब से होनी चाहिए।
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18000 रुपये हो गया आधार तो कितना मिलेगा बोनस?
मौजूदा फॉर्मूले के तहत 30 दिन के बोनस के लिए 7000 रुपये की सीमा को आधार माना जाता है। इससे कर्मचारी को करीब 6908 रुपये से 7000 रुपये तक बोनस मिलता है।
वहीं, अगर गणना का आधार 18000 रुपये कर दिया जाता है, तो 30 दिन का बोनस करीब 17763 रुपये तक पहुंच सकता है। यानी सीलिंग हटने की स्थिति में बोनस की रकम मौजूदा राशि के मुकाबले ढाई गुना से भी ज्यादा हो सकती है।
8वें वेतन आयोग के बाद और बढ़ सकता है पैसा
अब सबसे बड़ा सवाल 8वें वेतन आयोग को लेकर है। अगर इसके बाद न्यूनतम बेसिक पे बढ़कर अनुमान के मुताबिक 26000 रुपये से 34500 रुपये के बीच होती है और बोनस की गणना भी इसी नई बेसिक सैलरी पर की जाती है, तो 30 दिन के बोनस की रकम 25600 रुपये से ऊपर जा सकती है।
रेलवे कर्मचारियों को भी बड़ा फायदा संभव
बोनस फॉर्मूले में बदलाव का असर रेलवे कर्मचारियों पर भी पड़ सकता है। रेलवे के पात्र अराजपत्रित कर्मचारियों को 78 दिनों का प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस मिलता है।
मौजूदा 7000 रुपये की गणना सीमा के आधार पर यह रकम करीब 17951 रुपये बैठती है। अगर सीमा हटाकर बेसिक पे को आधार बनाया जाता है, तो यह रकम 46000 रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है।
किन कर्मचारियों की बढ़ सकता है बोनस?
इस बदलाव का फायदा रेलवे के अलावा डाक विभाग, ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों और केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में काम करने वाले पात्र कर्मचारियों को मिल सकता है। खास तौर पर ग्रुप ‘सी’ और नॉन-राजपत्रित ग्रुप ‘बी’ कर्मचारियों के बोनस में बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है।
हालांकि, अभी इसे सरकार का अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता। फिलहाल कर्मचारी संगठनों की ओर से बोनस की पुरानी सीमा हटाने की मांग की जा रही है। अब देखना होगा कि सरकार 8वें वेतन आयोग के साथ इस मांग पर क्या फैसला लेती है।
