8th Pay Commission: 4 फिटमेंट फैक्टर की मांग, यदि मांग पुरी हुई तो कितनी बढ़ेगी बेसिक सैलरी? देखें यहां

आठवें वेतन आयोग को लेकर कुछ संगठनों ने 4 फिटमेंट फैक्टर लागू करने के पक्ष में हैं, जबकि अन्य ने 3.833 का प्रस्ताव रखा है। वहीं, न्यूनतम बेसिक सैलरी 69,000 रुपये करने की मांग भी सामने आई है। चलिए देखते है आयोग की अगली बैठक कब और कहां है। 

Oct 13, 2026, 13:17 IST
किस संगठन ने कितने फिटमेंट फैक्टर की मांग की?
किस संगठन ने कितने फिटमेंट फैक्टर की मांग की?

8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। हर कोई जानना चाहता है कि नई वेतन व्यवस्था लागू होने पर उसकी सैलरी और पेंशन में कितना बदलाव होगा। इसी बीच फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) को लेकर कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगें तेज कर दी हैं।

कुछ संगठन 4 फिटमेंट फैक्टर लागू करने के पक्ष में हैं, जबकि अन्य ने 3.833 का प्रस्ताव रखा है। वहीं, मिनिमम बेसिक सैलरी 69,000 रुपये करने की मांग भी सामने आई है। हालांकि, अभी ये सभी प्रस्ताव हैं और अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों तथा सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।

DA में बढ़ोतरी से क्यों बढ़ रही हैं उम्मीदें? 

महंगाई का असर सिर्फ बाजार में खरीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर कर्मचारियों के घरेलू बजट पर भी पड़ता है। यही वजह है कि आठवें वेतन आयोग से वेतन में बेहतर बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है।

कर्मचारी संगठनों के अनुसार, केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता जुलाई 2023 में 46% था, जो जनवरी 2026 तक बढ़कर 60% हो गया। इस बीच DA बढ़कर 50%, 53%, 55% और 58% के लेवल तक पहुंचा।

किस संगठन ने कितने फिटमेंट फैक्टर की मांग की?

आठवें वेतन आयोग के लिए अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने अपने सुझाव दिए हैं। इनमें फिटमेंट फैक्टर को लेकर खास जोर दिखाई दे रहा है।

-भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS): 4 फिटमेंट फैक्टर की मांग।

-NCJCM और AIDEF: 3.833 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव।

-NC-JCM स्टाफ साइड: 3.833 फिटमेंट फैक्टर के साथ न्यूनतम मूल वेतन 69,000 रुपये करने की मांग।

-भारत पेंशनर्स समाज: 3.83 फिटमेंट फैक्टर का सुझाव।

-मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन, सर्वे ऑफ इंडिया: 3.61 फिटमेंट फैक्टर की मांग।

क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?

फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है, जिसका इस्तेमाल मौजूदा मूल वेतन के आधार पर नया मूल वेतन तय करने के लिए किया जाता है। आसान शब्दों में कहें तो इसी के जरिए नई वेतन संरचना में बेसिक सैलरी निर्धारित करने की गणना की जाती है। 7वें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जबकि छठे वेतन आयोग में यह 1.86 था।

DA और DR को बेसिक सैलरी में जोड़ने की मांग

कर्मचारी संगठनों की मांग सिर्फ फिटमेंट फैक्टर तक सीमित नहीं है। फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन्स (FNPO) ने स्थायी वेतन समीक्षा निकाय बनाने का सुझाव दिया है।

इसके प्रस्ताव के अनुसार, DA या DR के 50% तक पहुंचने पर 90 दिनों के भीतर संशोधित फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश की जानी चाहिए। साथ ही, DA/DR के 25% से अधिक होने पर इसे बेसिक सैलरी या पेंशन में शामिल करने की मांग की गई है। वहीं भारत पेंशनर्स समाज ने भी DR को 25% से ऊपर जाने पर मूल पेंशन में जोड़ने का सुझाव दिया है। 

22 और 23 अक्टूबर को मुंबई में अगली अहम बैठक

आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की तीन सदस्यीय टीम ने 8 अक्टूबर को बेंगलुरु में परामर्श बैठक की थी। अब अगली अहम बैठक 22 और 23 अक्टूबर को मुंबई में होने वाली है। आयोग की अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं।

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Bagesh Yadav

Senior Executive - Editorial

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