Atal Expressway: उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बीच सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने के लिए एक बड़े एक्सप्रेसवे की तैयारी शुरू हो चुकी है। जल्द ही राजस्थान के कोटा से उत्तर प्रदेश के इटावा (कुदरैल) तक अटल एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे चंबल नदी के किनारे विकसित होगा और इसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में रखा गया है।
करीब 414 किलोमीटर लंबे इस चार लेन एक्सप्रेसवे की चौड़ाई 60 मीटर होगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कोटा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। फिलहाल इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 1,10,689.26 करोड़ रुपये है।
12 घंटे का सफर सिमटकर रह जाएगा 4 घंटे
अभी इटावा से कोटा तक सड़क मार्ग से पहुंचने में लगभग 12 घंटे का समय लगता है। लेकिन अटल एक्सप्रेसवे बनने के बाद यही दूरी महज 4 घंटे में पूरी की जा सकेगी। एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित किए जाने की योजना है।
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किन राज्यों से होकर गुजरेगा अटल एक्सप्रेसवे?
पहले इस प्रोजेक्ट को चंबल एक्सप्रेसवे के नाम से प्रस्तावित किया गया था, लेकिन अब इसका नाम बदलकर अटल एक्सप्रेसवे कर दिया गया है।
यह एक्सप्रेसवे राजस्थान के कोटा के सिमलिया गांव से शुरू होकर मध्य प्रदेश के श्योपुर, सबलगढ़, मुरैना और भिंड से गुजरते हुए उत्तर प्रदेश के इटावा (कुदरैल) तक पहुंचेगा।
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राजस्थान में लगभग 94 किमी
मध्य प्रदेश में लगभग 273 किमी
उत्तर प्रदेश में लगभग 47 किमी
यानी तीन राज्यों को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।
इटावा बनेगा यूपी का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे हब
अटल एक्सप्रेसवे के बनने के बाद इटावा उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा जिला बन जाएगा, जहां आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा लिंक एक्सप्रेसवे और अटल एक्सप्रेसवे एक-दूसरे से जुड़ेंगे। इटावा के कुदरैल क्षेत्र को एक बड़े इंटरचेंज के रूप में विकसित किया जाएगा।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से भी मिलेगा सीधा कनेक्शन
इस परियोजना की एक और खास बात यह है कि कोटा में अटल एक्सप्रेसवे का सीधा जुड़ाव दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से होगा। इससे राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों के बीच सड़क संपर्क और अधिक मजबूत हो जाएगा।
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया होगी शुरू
इटावा जिले में इस एक्सप्रेसवे के लिए सदर, भरथना और ताखा तहसील के 27 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे भिंड जिले के गाती गांव से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगा और कई गांवों से होकर गुजरेगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 3-ए के तहत जिला प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
अटल एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण कॉरिडोर साबित हो सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन, परिवहन और निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद है।
