G7 Summit 2026: क्या है G7, कौन से देश है इसके मेंबर, भारत सदस्य है या नहीं? यहां पढ़ें सब कुछ

G7 Summit 2026: इस साल फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस सहित दुनिया के सात प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं के नेता शामिल हो रहे हैं। भारत इसका सदस्य नहीं है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विशेष आमंत्रित देश के रूप में बुलाया गया है।

Jun 16, 2026, 14:33 IST
G7 Summit 2026
G7 Summit 2026

G7 Summit 2026: जी7 समिट का आयोजन इस साल फ्रांस में किया जा रहा है, जहां दुनिया के कई दिग्गज देशों का जमावड़ा देखने को मिल रहा है, फ़्रांसिसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के विशेष आमंत्रण पर पीएम मोदी भी इस शिखर सम्मलेन में हिस्सा ले रहे है. जी7 शिखर सम्मेलन का आयोजन 15 से 17 जून को किया जा रहा है। इस बैठक में पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प की द्विपक्षीय वार्ता होने की भी उम्मीद है।  

फ्रांस में जुटे दुनिया के सबसे ताकतवर देश

G7 Summit 2026 का आयोजन 15 से 17 जून तक फ्रांस के खूबसूरत शहर एवियां-ले-बैंस में हो रहा है। दुनिया के सात सबसे विकसित अर्थव्यवस्थाओं के नेता यहां वैश्विक सुरक्षा, व्यापार, अर्थव्यवस्था और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों पर मंथन कर रहे हैं। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस सम्मेलन में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। 

Related Stories

आखिर क्या है G7?  

G7 यानी 'ग्रुप ऑफ सेवन' दुनिया की सात प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं का एक प्रभावशाली मंच है। यह कोई औपचारिक संगठन नहीं है, बल्कि ऐसा समूह है जहां सदस्य देश वैश्विक मुद्दों पर चर्चा कर साझा रणनीति बनाने की कोशिश करते हैं। आज भी वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय नीतियों पर G7 देशों का बड़ा प्रभाव माना जाता है।

G7 में कौन-कौन से देश हैं?

G7 के सात सदस्य देशों के नाम यहां दिए गए है, इनके अलावा यूरोपीय संघ (EU) भी बैठकों में भाग लेता है, हालांकि उसे आधिकारिक सदस्य देशों में नहीं गिना जाता।

  1. यूएसए 

  • फ्रांस

  • जर्मनी

  • जापान

  • ब्रिटेन

  • इटली

  • कनाडा

  • G7 की शुरुआत कैसे हुई?

    दरअसल G7 की स्थापना 1975 में वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए की गई थी। 1997 में रूस के शामिल होने के बाद यह G8 बन गया था, लेकिन 2014 में रूस को निलंबित कर दिया गया और समूह फिर से G7 बन गया।

    G7 Summit 2026 में किन मुद्दों पर हो रही चर्चा ?

    इस बार सम्मेलन का फोकस कई बड़े वैश्विक मुद्दों पर है:

    वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन

    यूक्रेन और ईरान से जुड़े सुरक्षा हालात

    महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों की उपलब्धता

    आर्थिक सहयोग और विकास

    बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव

    क्या भारत G7 का सदस्य है?

    नहीं। भारत G7 का स्थायी सदस्य नहीं है। फिर भी दुनिया की तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था और बढ़ते वैश्विक प्रभाव के कारण भारत को अक्सर G7 बैठकों में विशेष आमंत्रित देश के रूप में बुलाया जाता है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 2026 के शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं, लेकिन भारत की भूमिका एक "पार्टनर नेशन" की है, सदस्य देश की नहीं।

    भारत सदस्य क्यों नहीं है?

    G7 की सदस्यता पारंपरिक रूप से उन देशों तक सीमित रही है जिन्हें विकसित और अत्यधिक औद्योगिक अर्थव्यवस्था माना जाता है। भारत आज दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, लेकिन G7 की ऐतिहासिक मेंबर लिस्ट में अभी उसका स्थान नहीं है। 

    क्यों महत्वपूर्ण है भारत की मौजूदगी?

    भले ही भारत G7 का मेंबर नहीं है, लेकिन जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक व्यापार और रणनीतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है। यही कारण है कि दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थायें भारत को महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में देख रही हैं और उसे लगातार G7 जैसे प्लेटफार्म पर आमंत्रित किया जा रहा है।

    Bagesh Yadav

    Senior Executive - Editorial

    आप जागरण जोश पर भारत, विश्व समाचार, खेल के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समसामयिक सामान्य ज्ञान, सूची, जीके हिंदी और क्विज प्राप्त कर सकते है. आप यहां से कर्रेंट अफेयर्स ऐप डाउनलोड करें.

    Just Now

    Result Updates