गंगा नदी भारत की सबसे पवित्र नदी है, जिसका सामाजिक, आर्थिक और भौगोलिक महत्त्व है। यह नदी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इसे मां का दर्जा दिया गया है। यही वजह है कि हमें गंगा के घाटों पर सुबह-शाम गंगा की आरती देखने को मिल जाएगी। गंगा नदी भारत के विभिन्न राज्यों में बहती है। इस कड़ी में गंगा नदी भारत के एक राज्य में सिर्फ एक जिले में ही बहती है। कौन-सा है यह जिला, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
कहां से निकलती है गंगा नदी
गंगा नदी का उद्गम उत्तराखंड में गंगोत्री ग्लेशियर से होता है। यहां से निकले क बाद यह नदी हिमालय की घाटियों से होते हुए हरिद्वार में पहली बार मैदानी इलाकों में उतरती है और भारत में दोआब क्षेत्र का निर्माण करती है। गंगा नदी की कुल लंबाई की बात करें, तो यह कुल 2525 किलोमीटर का सफर तय करती है। यह नदी सबसे अधिक सफर उत्तर प्रदेश में करती है और यही पर इसके दो प्रमुख स्थल है, जहां प्रयागराज में संगम घाट और वाराणसी के घाट प्रमुख हैं।
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किन-किन राज्यों में बहती है गंगा नदी
गंगा नदी उत्तराखंड से निकलने के बाद उत्तर प्रदेश में बिजनौर जिले से प्रवेश करती है। यहां एक लंबी दूरी तय करने के बाद यहां भगवान बुद्ध की धरती यानि कि बिहार में प्रवेश करती है, जहां से निकले के बाद यह झारखंड और आखिर में पश्चिम बंगाल में बहते हुए आगे बांग्लादेश तक जाती है।
किस राज्य के सिर्फ एक जिले में बहती है गंगा नदी
गंगा नदी झारखंड राज्य के सिर्फ साहिबगंज जिले में बहती है। नदी इस जिले को सिर्फ छूते हुए निकलती है। यह बिहार के भागलपुर जिले से आकर साहिबगंज जिले के राजमहल, तेलियागढ़ी, और कन्हाईस्थान जैसे क्षेत्रों की उत्तरी सीमा बनाते हुए आगे पश्चिम बंगाल में प्रवेश कर जाती है।
झारखंड में कितनी है गंगा नदी की लंबाई
झारखंड में गंगा नदी करीब 40 किलोमीटर का सफर तय करती है। हालांकि, साहिबगंज में गंगा नदी पर बना मल्टी-मॉडल इनलैंड वाटरवे टर्मिनल उत्तर-पूर्व भारत के व्यापार और परिवहन के लिए बेहद महत्त्वपूर्ण माना जाता है।
गंगा नदी की प्रमुख सहायक नदियां
गंगा नदी में बाएं तरफ से मिलने वाली यमुना, घाघरा, गंडक, कोसी, गोमती, रामगंगा और महानंदा है। वहीं, दाएं तरफ से मिलने वाली नदियों में सोन और दामोदर है। यमुना नदी गंगा की सबसे बड़ी सहायक नदी है, जिसकी कुल लंबाई 1376 किलोमीटर है। यह गंगा नदी के समानांतर बहते हुए दोआब क्षेत्र का निर्माण करती है। इसके बाद अंत में प्रयागराज में गंगा नदी से मिलती है, जिसे संगम स्थान भी कहा जाता है।
