CWG 2026: यूपी के इस जिले के किसान के बेटे गुलवीर ने ग्लासगो में लहराया तिरंगा, भारत को दिलाया यह मेडल

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय धावक गुलवीर सिंह ने इतिहास रचते हुए पुरुषों की 10 हजार मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर भारत का नाम रौशन कर दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुलवीर सिंह को शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी।

Jul 29, 2026, 11:51 IST
गुलवीर सिंह: सबसे भरोसेमंद लंबी दूरी के धावक
गुलवीर सिंह: सबसे भरोसेमंद लंबी दूरी के धावक

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: कुछ कहानियां सिर्फ मेडल जीतने की नहीं होतीं, बल्कि सपनों को हकीकत में बदलने की होती हैं। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के धावक गुलवीर सिंह (Gulveer Singh) ने ऐसी ही कहानी लिखी। पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर उन्होंने इतिहास रच दिया। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में लंबी दूरी की स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए। 

बारिश से भीगे ट्रैक पर आखिरी 400 मीटर में गुलवीर ने जो रफ्तार दिखाई, उसने सिर्फ एक पदक नहीं दिलाया, बल्कि करोड़ों भारतीयों का दिल भी जीत लिया। 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुलवीर सिंह और महिला वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर को शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी। हरजिंदर ने महिलाओं के 69 किलोग्राम वर्ग में भारत के लिए रजत पदक जीता है।

आखिरी लैप में बना दिया इतिहास

अलेक्जेंडर स्टेडियम में 25 लैप की इस चुनौतीपूर्ण रेस में गुलवीर पूरे समय धैर्य के साथ आगे चल रहे धावकों के बीच बने रहे। स्कॉटलैंड की लगातार बारिश के बावजूद उन्होंने अपनी रणनीति नहीं बदली।

अंतिम 400 मीटर की घंटी बजते ही ऑस्ट्रेलिया के काइ रॉबिन्सन ने स्वर्ण पदक के लिए तेज़ रेस लगाई। लेकिन गुलवीर ने भी पूरी ताकत झोंक दी और शानदार फिनिश के साथ रजत पदक अपने नाम कर लिया।

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जहां खेल नहीं, आर्मी था सबसे बड़ा सपना 

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के छोटे से गांव अतरौली में 1998 में किसान परिवार में जन्मे गुलवीर सिंह का बचपन बेहद साधारण रहा। गांव में खेलों का माहौल नहीं था। वहां ज्यादातर युवाओं का सपना भारतीय सेना में भर्ती होना था, और गुलवीर भी उन्हीं में से एक थे। 

सेना बनी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट

गुलवीर साल 2018 में खेल कोटे से भारतीय सेना की ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में भर्ती हुए। यही वह मोड़ था जिसने उनकी जिंदगी बदल दी। आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट और बाद में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के राष्ट्रीय शिविर में उन्हें समझ आया कि दौड़ सिर्फ नौकरी पाने का जरिया नहीं, बल्कि देश के लिए इतिहास रचने का मौका भी हो सकती है।

सबसे भरोसेमंद लंबी दूरी के धावक 

साल 2024 में गुलवीर ने अमेरिका के कोलोराडो स्प्रिंग्स में ट्रेनिंग शुरू की। इसके बाद उनके प्रदर्शन में जबरदस्त बदलाव देखने को मिला।

उन्होंने 3 हजार मीटर, 5 हजार मीटर और 10 हजार मीटर में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए। फिर 2025 की एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5 हजार और 10 हजार मीटर दोनों स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल जीतकर खुद को भारत का सबसे भरोसेमंद लंबी दूरी का धावक साबित किया। 

यह सिर्फ पदक नहीं संघर्ष की चमक है

ग्लासगो में जीता गया यह रजत पदक केवल एक मेडल नहीं है। यह उस किसान परिवार के बेटे की जीत है, जिसने छोटे से गांव से निकलकर दुनिया के सबसे बड़े मंचों पर भारत का तिरंगा ऊंचा किया। आज गुलवीर सिंह सिर्फ एक एथलीट नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं की उम्मीद बन चुके हैं।

मेडल टैली में कैसी है भारत की स्थिति

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत अब तक 12 पदकों के साथ आठवें स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया 72 पदकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है। कनाडा दूसरे और इंग्लैंड तीसरे स्थान पर है। भारतीय खिलाड़ियों से आने वाले दिनों में पदकों की संख्या बढ़ाने की उम्मीद है।

Bagesh Yadav

Senior Executive - Editorial

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