आपने दुनिया में अलग-अलग खाड़ियों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। खाड़ियां अपनी जलवायु और चक्रवात के लिए जानी जाती हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि दुनिया की सबसे बड़ी खाड़ी कौन-सी है? यदि आप नहीं जानते हैं, तो इस लेख में हम दुनिया की सबसे बड़ी खाड़ी के बारे में जानेंगे।
दुनिया की सबसे बड़ी खाड़ी
दुनिया की सबसे बड़ी खाड़ी बंगाल की खाड़ी(Bay of Bengal) है। यह हिंद महासागर का पूर्वोत्तर भाग है और भौगोलिक रूप से यह दुनिया की सबसे बड़ी 'खाड़ी' है, जिसका आकार लगभग एक बड़े त्रिभुज (Triangle) जैसा है। भारत के भूगोल और अर्थव्यवस्था में इसका महत्त्वपूर्ण स्थान है।
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बंगाल की खाड़ी की भौगोलिक सीमा
बंगाल की खाड़ी 26 लाख वर्ग किलोमीटर में फैली है और इसकी सीमाएं कई देशों से लगती हैं:
-पश्चिम में: भारत का पूर्वी तट-तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और दक्षिण में श्रीलंका।
-उत्तर में: भारत का पश्चिम बंगाल राज्य और बांग्लादेश।
-पूर्व में: म्यांमार और भारत का 'अंडमान और निकोबार द्वीप समूह'।
प्रमुख नदियां और सुंदरबन डेल्टा
बंगाल की खाड़ी दुनिया की कुछ सबसे बड़ी नदियों का संगम स्थल है। यहां भारत की नदियों में शामिल गंगा, ब्रह्मपुत्र, महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी नदियां अपना भारी मात्रा में जल और उपजाऊ गाद इसी खाड़ी में गिराती हैं। वहीं, गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियां खाड़ी में गिरने से पहले दुनिया का सबसे बड़ा डेल्टा 'सुंदरबन' बनाती हैं। यह क्षेत्र अपने घने मैंग्रोव वनों और 'रॉयल बंगाल टाइगर' के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
जलवायु और चक्रवात के लिए है प्रसिद्ध
बंगाल की खाड़ी अपनी जलवायु के लिए जानी जाती है। अरब सागर की तुलना में बंगाल की खाड़ी का पानी अधिक गर्म होता है और यहां नदियों का मीठा पानी भारी मात्रा में आता है। इन कारणों से यहां अक्सर 'कम दबाव का क्षेत्र' बनता है। यही कारण है कि भारत के पूर्वी तट खासकर ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल पर अरब सागर के पश्चिमी तट की तुलना में कहीं अधिक और बेहद शक्तिशाली चक्रवात' आते हैं।
बंगाल की खाड़ी का आर्थिक महत्त्व
यह दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है। मलक्का जलडमरूमध्य (Strait of Malacca) के करीब होने के कारण जापान, चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया का अधिकांश व्यापार यहीं से गुजरता है। इस खाड़ी के बेसिन में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के बड़े भंडार मौजूद हैं। इसके अलावा, मत्स्य पालन भारत, बांग्लादेश और म्यांमार के लाखों तटीय निवासियों की आजीविका का मुख्य साधन है।
